छात्राओं के स्वास्थ्य की चिंता
- 3,000 बच्चों के लिए फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट का भी होगा आयोजन
- स्क्रीनिंग में चिन्हित बच्चों का किया जाएगा इलाज, जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल होंगे रेफर
धनबाद : जिला प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उपायुक्त (DC) सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) झरिया, टुंडी और पूर्वी टुंडी की छात्राओं के लिए विशेष मेडिकल चेकअप कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत चिन्हित 3,000 बच्चों के लिए फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट शिविर भी लगाया जाएगा।
मेडिकल कैंप का पूरा शेड्यूल
छात्राओं की सुविधा और व्यवस्थित जांच के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित शेड्यूल तय किया है:
| दिनांक | विद्यालय / प्रखंड का नाम |
| 13 से 15 जुलाई | कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झरिया (सभी छात्राएं) |
| 13 जुलाई | एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, टुंडी |
| 14 जुलाई | मॉडल स्कूल लोधरिया, टुंडी |
| 15 जुलाई | कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टुंडी |
| 17 जुलाई | कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पूर्वी टुंडी |
3,000 बच्चों का होगा ‘फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट’
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि 13 जुलाई को सभी प्रखंडों में RBSK के अंतर्गत स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित किए गए लगभग 3,000 बच्चों के लिए फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट का आयोजन किया जाएगा।
- इन बीमारियों का होगा इलाज: दंत रोग, हृदय रोग, त्वचा रोग, सुनने संबंधी समस्याएं, क्लब फुट (टेढ़े पैर), और कटे होंठ जैसी समस्याओं की पहचान कर उनका उपचार किया जाएगा।
- रेफरल सुविधा: जिन बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टरों या उन्नत इलाज की जरूरत होगी, उन्हें जिला स्तरीय अस्पताल में रेफर कर बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।
पिछली सफलता: इससे पहले शुक्रवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित RBSK कैंप के माध्यम से 375 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
- दवा और उपकरण: उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया (सह जोरापोखर) और टुंडी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेडिकल टीम को सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण समय पर उपलब्ध कराएं।
- समन्वय और उपस्थिति: सिविल सर्जन ने सभी RBSK चिकित्सकों को शिक्षा विभाग से तालमेल बिठाकर सूचीबद्ध बच्चों की कैंप में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों को समय पर शिविर तक पहुंचाने में सहयोग करें ताकि कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे।
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