कतरास के छाताबाद में भू-धंसान
धनबाद/कतरास: धनबाद के महापौर संजीव सिंह शनिवार को कतरास क्षेत्र के छाताबाद पहुंचे। उन्होंने हाल ही में हुए भू-धंसान से प्रभावित क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
पैदल भ्रमण कर जाना लोगों का हाल, घरों में आईं दरारें
महापौर संजीव सिंह ने प्रभावित स्थानों का पैदल भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों और खतरे वाले इलाकों को देखा तथा स्थानीय लोगों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने महापौर को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा:
- लगातार हो रहे भू-धंसान के कारण घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ रही हैं।
- क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
- ग्रामीणों ने शीघ्र पुनर्वास, उचित मुआवजा और सुरक्षा की पुरजोर मांग की।
“छाताबाद में उत्पन्न स्थिति बेहद गंभीर है और लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।” — संजीव सिंह, महापौर, धनबाद
अवैध खनन और कोयला चोरी को बताया मुख्य कारण
निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए महापौर ने कहा कि बंद खदानों में हो रहे अवैध खनन और कोयला चोरी के कारण जमीन के भीतर खाली जगह (Voids) बन रही है। इसी वजह से भू-धंसान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
महापौर संजीव सिंह की मुख्य मांगें:
- सख्त कार्रवाई: जिला प्रशासन, बीसीसीएल (BCCL), पुलिस और संबंधित विभाग बंद खदानों में हो रहे अवैध खनन और कोयला चोरी पर तत्काल सख्त कार्रवाई करें।
- निगरानी और सर्वे: प्रभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो और भू-धंसान संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए।
- त्वरित पुनर्वास: प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर उन्हें समुचित मुआवजा और सभी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।
- संयुक्त कार्य योजना: क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और बीसीसीएल संयुक्त रूप से एक ठोस कार्य योजना बनाएं।
“भय के साये में नहीं रहने देंगे”
महापौर संजीव सिंह ने साफ तौर पर कहा कि छाताबाद के लोगों को इस तरह भय के साये में जीने के लिए मजबूर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस गंभीर मामले को जिला प्रशासन, राज्य सरकार, केंद्र सरकार तथा संबंधित मंत्रालयों के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेगा।
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