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कतरास के छाताबाद भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का सांसद ढुलू महतो ने किया निरीक्षण

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MP Dhulu Mahto inspected the land subsidence-affected area of ​​Chhatabad in Katras.
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दहशत में घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं ग्रामीण

धनबाद: कतरास के छाताबाद फुटबॉल मैदान के समीप बुधवार रात एक बार फिर अचानक जमीन धंसने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लगातार हो रहे भू-धंसान के कारण अपनी जान बचाने के लिए कई परिवारों ने अपने घरों को खाली कर दिया है और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए BCCL प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्र में डोजरिंग का काम शुरू कर दिया गया है, जहाँ मिट्टी और ओबी (ओवरबर्डन) डालकर भराई का कार्य जारी है।

सांसद ढुलू महतो ने किया दौरा, BCCL महाप्रबंधक से की बात

गुरुवार को धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने स्थानीय पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन और ग्रामीणों के साथ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाने की माँग की :

  • तत्काल पुनर्वास: प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।
  • स्थायी समाधान: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
  • BCCL को निर्देश: सांसद ने BCCL के महाप्रबंधक से फोन पर बात कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। साथ ही स्थानीय महाप्रबंधक (GM) को निर्देश दिया कि प्रभावित 10 से 12 परिवारों को उचित मुआवजा देकर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।

सोमवार को हुआ था आंदोलन, बुधवार को फिर आईं दरारें

गौरतलब है कि इस इलाके में सोमवार की सुबह पहली बार भू-धंसान हुआ था, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने करीब 12 घंटे तक छाताबाद पुल पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद बुधवार रात को दोबारा जमीन धंस गई।

प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति: बुधवार रात हुए ताजा भू-धंसान के कारण मोहम्मद कलाम और कौशर के घरों में लगभग छह इंच चौड़ी दरारें पड़ गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। डर के मारे मोहम्मद मुर्तजा और अकबर समेत कई अन्य परिवारों ने अपना सामान समेटा और घर छोड़कर चले गए।

ग्रामीणों की माँग : ‘मुआवजा और सुरक्षित आवास मिलने तक डर का माहौल’

स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि BCCL द्वारा की जा रही मिट्टी भराई तात्कालिक राहत तो दे सकती है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। जब तक सभी प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास नहीं किया जाता, तब तक इलाके से डर का साया नहीं हटेगा। फिलहाल, BCCL की टीम मौके पर राहत और भराई कार्य में जुटी हुई है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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