धनबाद: कोयलांचल बचाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष हंजलाबीन हक ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने अपने ऊपर हुए 10 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे पर तीखा पलटवार किया। हंजलाबीन हक ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी इतनी बड़ी रकम देने की औकात नहीं है, चाहे तो उन्हें जेल भेज दिया जाए, लेकिन वे धनबाद और बीसीसीएल को बचाने की अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
रणधीर वर्मा चौक पर सजेगा ‘भिक्षाटन’ का मंच
हंजलाबीन हक ने घोषणा की है कि इस कानूनी कार्रवाई के विरोध में और आंदोलन को धार देने के लिए जल्द ही रणधीर वर्मा चौक पर “बीसीसीएल बचाओ, धनबाद बचाओ संकल्प सभा” का आयोजन किया जाएगा।
इस सभा के दौरान वे धनबाद की जनता के बीच जाएंगे और भिक्षा के रूप में पुराने सिक्के और रुपये जुटाएंगे। जनता से मिले इस दान को वे प्रतीकात्मक रूप से बीसीसीएल के सीएमडी को सौंपेंगे।
प्रेस वार्ता की मुख्य बातें:
- आर्थिक क्षमता पर बयान: हक ने कहा, “सीएमडी ने मेरे खिलाफ 10 करोड़ का मुकदमा किया है, जबकि मेरी आर्थिक क्षमता 10 हजार रुपये देने की भी नहीं है। मैं जनता से मांगकर उन्हें (सीएमडी) पैसे लौटाऊंगा।”
- भ्रष्टाचार और कोयला चोरी का आरोप: उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत मानहानि करना नहीं, बल्कि बीसीसीएल में व्याप्त गंभीर कोयला चोरी और भ्रष्टाचार को उजागर करना है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए पहले कदम उठा चुकी है।
- अस्तित्व की लड़ाई: मोर्चा अध्यक्ष ने भावुक होते हुए कहा कि धनबाद की पहचान बीसीसीएल से ही है। अगर कंपनी कमजोर हुई तो पूरा कोयलांचल बर्बाद हो जाएगा।
“मुझे जेल भेज दीजिए लेकिन धनबाद को बचा लीजिए” – हंजलाबीन हक (अध्यक्ष, कोयलांचल बचाओ संघर्ष मोर्चा)
आगे की रणनीति
मोर्चा का साफ कहना है कि डराने-धमकाने की राजनीति के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं। रणधीर वर्मा चौक पर होने वाली संकल्प सभा के जरिए वे न सिर्फ जनता को इस लड़ाई से जोड़ेंगे, बल्कि बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन भी खड़ा करेंगे। अब देखना यह है कि इस अनोखे ‘भिक्षाटन’ वाले पलटवार पर बीसीसीएल प्रबंधन और सीएमडी की क्या प्रतिक्रिया आती है।
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