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अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति में भारी बढ़ोतरी, डीबीटी के जरिए सीधे खाते में भेजी जा रही राशि

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Significant hike in scholarships for Scheduled Caste students; funds are being transferred directly to their accounts via DBT.
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नई दिल्ली: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाने और उनकी वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए ‘मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना’ (PMS) और ‘पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। लोकसभा में सांसद नवासकनी के. द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने यह जानकारी दी।

वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि

मंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुधारों के बाद मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत दी जाने वाली केंद्रीय सहायता में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

  • वित्तीय वर्ष 2021-22: 1,930.38 करोड़ रुपये जारी किए गए।
  • वित्तीय वर्ष 2024-25: 5,562.23 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से कुल 48,04,208 लाभार्थियों को सीधा लाभ मिला।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26: केंद्रीय सहायता बढ़कर 6,186.96 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है।

हाल के वर्षों में इस योजना से प्रतिवर्ष औसतन लगभग 48 लाख अनुसूचित जाति के छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।

पूर्व-मैट्रिक योजना से लाखों छात्रों को राहत

अनुसूचित जातियों और अन्य के लिए चलाई जा रही ‘पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ के तहत भी सरकार लाखों छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के माध्यम से 26,79,049 छात्रों को सहायता प्रदान की गई है।

पारदर्शी वितरण: DBT प्रणाली का प्रभाव

छात्रवृत्ति के वितरण को अधिक कुशल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) प्रणाली को पूरी तरह से अपनाया है:

  • मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना: वर्ष 2020-21 में संशोधित की गई।
  • पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना: वर्ष 2021-22 में संशोधित की गई और 2022-23 से इसमें डीबीटी लागू किया गया।

इस व्यवस्था के तहत छात्रवृत्ति की राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाती है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हुई है और पूरी प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनी है।

सरकार की प्रतिबद्धता: “कवरेज का विस्तार करके, आर्थिक मदद बढ़ाकर और तकनीक-संचालित डीबीटी प्रणाली के माध्यम से मंत्रालय देश भर के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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