धनबाद में कांग्रेस के खिलाफ BJP का हल्लाबोल: NEET विवाद में राहुल गांधी का पुतला दहन, राज सिन्हा और रागिनी सिंह ने साधा निशाना
धनबाद। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर चल रहे देशव्यापी संग्राम का असर अब कोयलांचल की सड़कों पर भी साफ दिखने लगा है। शुक्रवार को धनबाद का रणधीर वर्मा चौक पूरी तरह सियासी तपिश की गिरफ्त में रहा, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गजों ने कांग्रेस की घेराबंदी करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुतला फूंक डाला।
छात्रों का मुद्दा या सियासी हथियार?
रणधीर वर्मा चौक पर जुटे सैंकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम सुबह से ही कांग्रेस विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन में शामिल धनबाद विधायक राज सिन्हा और झरिया की प्रमुख चेहरा रागिनी सिंह ने सीधे तौर पर कांग्रेस आलाकमान को निशाने पर लिया।
- राज सिन्हा का हमला: “छात्रों का भविष्य राजनीति की बलि नहीं चढ़ सकता। केंद्र सरकार जांच एजेंसियों के जरिए सच सामने लाने में जुटी है, मगर कांग्रेस इस संवेदनशील मामले का इस्तेमाल केवल अपनी सियासी दुकान चलाने के लिए कर रही है।”
- रागिनी सिंह का रुख: “युवाओं की जायज चिंताओं को भड़काकर राजनीतिक फायदा उठाने का यह खेल शर्मनाक है। दोषी कोई भी हो, सलाखों के पीछे जाएगा, लेकिन कांग्रेस जिस तरह आंदोलन की आड़ में रोटियां सेक रही है, उसे जनता देख रही है।”
दोहरे रवैये पर घेरा: “अपने राज्यों पर चुप, यहां शोर क्यों?”
प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि विपक्षी दल हमेशा दोहरे मापदंड अपनाता है। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जब गैर-भाजपा या कांग्रेस शासित प्रदेशों में पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामले सामने आए, तब पूरी कांग्रेस चुप्पी साधे बैठी थी। आज वही पार्टी छात्रों का हमदर्द बनने का दिखावा कर रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
पुतला दहन के बाद मीडिया से बातचीत में स्थानीय भाजपा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि NEET परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर है। सरकार दोषियों को बख्शने के मूड में नहीं है, इसलिए कठोरतम कानूनी कार्रवाई तय है। हालांकि, पार्टी ने यह भी साफ कर दिया कि आंदोलन के नाम पर छात्रों को भड़काने और देश का माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
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