नई दिल्ली : भारत को 2030 तक वैश्विक 6G परिदृश्य में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘भारत 6G एलायंस’ (B6GA) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। बैठक में संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी तथा दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च 2023 को “भारत 6G विजन” दस्तावेज़ जारी किया था, जिसका लक्ष्य देश को 6G तकनीक के डिजाइन, विकास और क्रियान्वयन में अग्रणी बनाना है।
7,700 से अधिक पेटेंट फाइलिंग के साथ भारत की मजबूत उपस्थिति
बैठक के दौरान बताया गया कि भारत 6G एलायंस (B6GA) अपने सात प्रमुख कार्यकारी समूहों के माध्यम से स्पेक्ट्रम, डिवाइस तकनीक, ग्रीन एवं सस्टेनेबिलिटी और आउटरीच जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से कार्य कर रहा है। एलायंस के सदस्य संगठनों के पास 5G और 6G तकनीक से जुड़े 7,700 से अधिक पेटेंट दर्ज हैं, जिनमें 4,400 से ज़्यादा विदेशी फाइलिंग शामिल हैं।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मानक संस्था (3GPP) में भारतीय प्रतिभागियों की संख्या 2020 के 717 से बढ़कर 2025 में 1,787 हो गई है, जबकि भारत का तकनीकी योगदान 196 से उछलकर 2,943 तक पहुँच गया है।
अंतरराष्ट्रीय समूहों के साथ बेंचमार्किंग पर जोर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की 6G यात्रा स्वदेशी शोध, मजबूत मानकों, घरेलू विनिर्माण और वैश्विक भागीदारी पर टिकी होनी चाहिए। उन्होंने कहा:
“पिछली बैठक के बाद से उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हमें यह देखना होगा कि वैश्विक 6G परिदृश्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय समूह कहाँ हैं और हम उनके मुकाबले कहाँ खड़े हैं। हमारे सातों कार्यकारी समूहों को एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाकर और वैश्विक बेंचमार्किंग के आधार पर काम करना होगा।”
वहीं, राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि स्टार्टअप्स, उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग से ही स्वदेशी तकनीक का विकास संभव है।
‘5G प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार’ का वितरण
कार्यक्रम के दौरान जनवरी से जून 2026 की अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को ‘5G प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार’ प्रदान किए गए।
IIITDM कुरनूल ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए सभी 4 श्रेणियों में प्रथम स्थान (रैंक 1) हासिल किया।
पुरस्कारों की सूची:
| पुरस्कार श्रेणी | प्रथम स्थान (Rank 1) | द्वितीय स्थान (Rank 2) | तृतीय स्थान (Rank 3) |
| 5G प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार | IIITDM कुरनूल | DKTE टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट, महाराष्ट्र | IIT रुड़की |
| 5G प्रयोगशाला उपयोग उत्कृष्टता पुरस्कार | IIITDM कुरनूल | IIT रोपड़ | PEC चंडीगढ़ |
| 5G प्रयोगशाला भागीदारी उत्कृष्टता पुरस्कार | IIITDM कुरनूल | IIT रुड़की | THDC इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग, टिहरी |
| 5G प्रयोगशाला नवाचार उत्कृष्टता पुरस्कार | IIITDM कुरनूल | DKTE टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट, महाराष्ट्र | IIIT दिल्ली |
भविष्य की राह
बैठक के अंत में एक खुली परिचर्चा का आयोजन हुआ, जिसमें उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और सरकार के प्रतिनिधियों ने 6G के नए एप्लीकेशन, स्पेक्ट्रम रणनीतियों और ऊर्जा-कुशल तकनीकों पर विचार साझा किए। इस समीक्षा बैठक ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित, टिकाऊ और समावेशी 6G हब के रूप में स्थापित करने के संकल्प को और मजबूत किया है।
- 3GPP India contribution
- 5G Laboratory Excellence Awards
- 6G technology 2030 India
- 6G vision document India
- 6G तकनीक भारत
- B6GA review meeting
- Bharat 6G Alliance
- Department of Telecommunications India
- IIITDM Kurnool 5G awards
- Jyotiraditya Scindia 6G
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- Telecom Sector News India
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