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70 वर्षों बाद पश्चिम बंगाल में फिर दिखा Himalayan-Musk हिरन

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Himalayan musk deer in forest
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70 वर्षों बाद Himalayan-Musk हिरन ने पश्चिम बंगाल के नेओरा घाटी में वापसी की है। वैज्ञानिकों ने पहली बार इसके तस्वीरों से अस्तित्व की पुष्टि की है।

70 वर्षों बाद पश्चिम बंगाल में Himalayan-Musk हिरन की वापसी

पश्चिम बंगाल के नेओरा घाटी ने इस सर्दी वैज्ञानिकों को एक सुखद आश्चर्य दिया। देश के राष्ट्रीय स्तर पर endangered प्रजातियों की जांच के तहत, कैमरा ट्रैप ने पहली बार 70 साल बाद हिमालयन मस्क हिरन की मौजूदगी की पुष्टि की है। यह हिरन पिछले लंबे समय से राज्य में अप्राप्य माना जा रहा था।

कैमरा ट्रैप से मिली अहम तस्वीरें

दिसंबर 2023 में नेओरा घाटी की 3112 मीटर ऊँचाई पर रखे गए कैमरा ट्रैप से छह तस्वीरें मिलीं। ये तस्वीरें इस बात का सुनिश्चित प्रमाण हैं कि यह प्रजाति अभी भी राज्य के जंगलों में जीवित है। इससे पहले 1955 में इस क्षेत्र में इस हिरन को देखा गया था।

विद्यार्थी और विशेषज्ञ क्यों मानते हैं इसे महत्वपूर्ण?

यह खोज हिमालयन मस्क हिरन के अस्तित्व को लेकर रही शंकाओं को खत्म करती है और यह दिखाती है कि यह प्रजाति अभी भी नेओरा घाटी के विविध जैविक आवासों में मौजूद है। यह क्षेत्र कंचनजंगा ट्रांसबाउंडरी ज़ोन के भीतर आता है, जिसमें विविध प्रकार के जंगल शामिल हैं।

मस्क हिरन को क्या खतरे है?

यह प्रजाति #IUCN की endangered लिस्ट में शामिल है क्योंकि इन्हें मुख्यतः मस्क ग्रंथि के लिए शिकार किया जाता है, जो पारंपरिक औषधि और इत्र बनाने में उपयोग होती है। प्रदेश के अलावा यह प्रजाति सिक्किम, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में भी पाई जाती है।

संरक्षण हेतु वैज्ञानिकों की बातें

वैज्ञानिकों ने नेचुरल पार्क में और अधिक कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। इसके अलावा, लंबी अवधि तक मस्क हिरन की जनसंख्या पर निगरानी और इसकी स्वस्थ स्थिति का अध्ययन भी आवश्यक बताया गया है। यह खोज क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षण में नयी उम्मीद जगाती है।

FAQs:

  1. Himalayan-Musk हिरन कब और कहाँ फिर से मिला?
    70 साल बाद दिसंबर 2023 में पश्चिम बंगाल के नेओरा घाटी में।
  2. यह प्रजाति क्यों संकट में है?
    मस्क ग्रंथि के कारण इसपर अवैध शिकार होता है।
  3. नेओरा घाटी की विशेषता क्या है?
    यह क्षेत्र कंचनजंगा ट्रांसबाउंडरी ज़ोन में आता है और विविध प्रकार के जंगलों से भरपूर है।
  4. वैज्ञानिक क्या सुझाव देते हैं?
    संरक्षण कड़ी करें और मस्क हिरन की संख्या व स्वास्थ्य पर निगरानी रखें।
  5. हिमालयन मस्क हिरन कहाँ-कहाँ मिलता है?
    सिक्किम, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और अब पश्चिम बंगाल में भी।
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