धनबाद । आईआईटी (आईएसएम) के मैनेजमेंट स्टडीज और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के साथ मिलकर बुधवार को यादवपुर के गांधी स्मारक आदिवासी +2 हाई स्कूल में “अगली पीढ़ी को मज़बूत बनाने के लिए डिजिटल अपस्किलिंग की भूमिका का इस्तेमाल” नाम के एक पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल स्किल्स अब विकल्प नहीं, बल्कि सफलता के लिए हर क्षेत्र में जरूरी हैं। उन्होंने छात्रों को इस मौके का इस्तेमाल करके शुरुआत से ही मज़बूत टेक्नोलॉजिकल और कम्युनिकेशन क्षमताएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्किल्स जीवन में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी हैं। हर प्रोफेशन में, डिजिटल कॉम्पिटेंसी लोगों को फायदा देती है। उन्होंने आईआईटी आईएसएम और बीसीसीएल की इस पहल को शुरू करने के लिए सराहना करते हुए कहा कि छात्रों के लिए ये स्किल्स सीखने और उन पर काम करने का यह सबसे अच्छा समय है।
कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी आईएसएम की फैकल्टी टीम प्रो. शशांक बंसल, प्रो. सौम्या सिंह और प्रो. हिमांशु गुप्ता ने किया था। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर आशीष कुमार गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर शामिल हुए। बीसीसीएल के सीएसआर विभाग से समरेज अली भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच डिजिटल लिटरेसी, कम्युनिकेशन स्किल्स और टेक्नोलॉजिकल अवेयरनेस के महत्व पर ज़ोर दिया गया। साथ में कॉन्फिडेंस, क्रिएटिविटी और भविष्य के करियर की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए स्किल-बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम्स में एक्टिव पार्टिसिपेशन को बढ़ावा दिया।
इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य धनबाद जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 1,000 छात्रों को डिजिटल और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग देना है। साथ ही छात्रों की डिजिटल काबिलियत, प्रॉब्लम सॉल्विंग की काबिलियत और करियर के बारे में जागरूकता को मज़बूत करना है, ताकि वे तेज़ी से बदलते टेक्नोलॉजी के माहौल में अच्छे से ढल सकें।
इस कार्यक्रम में कई जाने-माने मेहमान और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद थे, जो जिले के स्कूली छात्रों के बीच डिजिटल शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध थे।
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