हज़ारीबाग़ । राजनीति सदैव इस बात पर होती हैं कि लोकतंत्र खतरे में हैं,तो संविधान खतरे में।लेकिन,वास्तविकता देखें तो ज्ञात होगा कि पत्रकार और पत्रकारिता खतरें में हैं।इसका ताजा मामला हजारीबाग का हैं।जहां एक शर्मनाक घटना सामने आई है।पत्रकार के सवाल पूछने पर उनके साथ मारपीट की घटना हुई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से न्यूज 18 के पत्रकार सुशांत सोनी ने सवाल किया कि 25 फरवरी को हुए एयर एंबुलेंस हादसे के मृतकों को अब तक मुआवज़ा क्यों नहीं मिला।इस सवाल पर मंत्री के समर्थक भड़क गए और पत्रकार की जमकर पिटाई कर दी।जो निंदनीय हैं एवं यह घटना पत्रकार के सुरक्षा और पत्रकारिता के भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े करती हैं।
घायल पत्रकार को तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।जहाँ उनका इलाज जारी है।घटना बेहद गंभीर हैं और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।इसके लिए पत्रकारों को एकजुट होने की आवश्यकता हैं।
बता दें कि 25 फरवरी को रांची से दिल्ली जा रहा एयर एंबुलेंस सिमरिया के पास क्रैश हो गया था।
विमान में कुल सात लोग सवार थे।जिसमें एक मरीज, दो परिजन, दो डॉक्टर और दो पायलट शामिल थे।हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई थी।मृतकों के परिजनों को अब तक मुआवज़ा नहीं मिलने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।पत्रकारों और मीडिया संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।यह घटना न केवल पत्रकार सुरक्षा बल्कि सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करती है।
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