महज 2540 रुपये मासिक वेतन और 17 माह से बकाया।
फर्जी कमिटी निजी स्वार्थवश दिमक की तरह चाट रहे कुछ विद्यालय को यह एक बदनुमा दाग है – विजय झा
धनबाद । विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है।जहाँ से बच्चे शिक्षा ग्रहण कर एक समृद्ध शक्तिशाली और विकसित राष्ट्र का निर्माण करते है।लेकिन,वर्तमान समय में कतरास के कुछ विद्यालयो में फर्जी कमिटीयों ने अपने निजी स्वार्थवश अधिक पैसे कमाने के लालच में दिमक की तरह विद्यालय को चाट रहे है और उसके अस्तित्व को समाप्त करने मे लग चुके है।जो स्थानीय अभिभावको के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस बावत स्थानीय विद्यार्थियों के माता पिता को गंभीर चिंता हो रही है। वे अब पलायन करने को सोच रहे हैं।
डीएवी +2 कतरासगढ़ की बात की जाये तो दो कमिटीयो के बिवाद के कारण शिक्षकों का चार महीना का बकाया वेतन के लिए स्कूल में ताला बंदी करना पड़ा।तब जाकर प्रशासन का हस्तक्षेप हुआ और कुछ शिक्षकों को मानदेय मिला।कुछ का अभी तक बकाया है बैंक मे विद्यालय का खाता ब्लॉक है। फिर प्रतिमाह आने वाला लगभग आठ लाख शुल्क किसके हाथ लग रहा है।क्या इसका लेखा जोखा रखने वाला कोई है या फिर सारा पैसा बंदरवाट हो रहा है।ये पब्लिक है भाई सब कुछ जानती है।
वही गुजरती हिंदी मध्य विद्यालय कतरास में शिक्षिका भावना चौहान को पिछले 17 महीना से वेतन भुगतान नहीं किए जाने के मामले को लेकर विद्यालय के समक्ष भावना उसकी मां कुसुम चौहान, बेटा विनीत चौहान एवं स्कूल के कुछ अन्य शिक्षक भी अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गये। भारतीय जनता पार्टी कतरास मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मिश्रा और आरटीआई कार्यकर्ता सह समाजसेवी जगत महतो ने विद्यालय के कमिटी अध्यक्ष नितेश ठक्कर से अविलम्ब मानदेय भुगतान को लेकर वार्ता किया और शिक्षिका को जूस पीला कर भूख हड़ताल तूड़वाया और उसके धरना को समर्थन दिया।इस दरम्यान वार्ड पार्षद विनायक गुप्ता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
धरने पर बैठी भावना से मिले विजय झा
मंगलवार को फिर धरने पर बैठी भावना चौहान से मिलने पूर्ब बियाडा अध्यक्ष सह समाजसेवी विजय झा पहुँचे।उन्होंने कहा कि 98 वर्ष पुरानी गुजराती समाज के इस विद्यालय में शिक्षकों के साथ बहुत अधिक शोषण हो रहा है।महज 2540 रूपये मासिक मानदेय अर्थात प्रतिदिन 6 घंटे की डिवटी महज 86 रूपये में वह भी 17 माह से बकाया रखना बहुत बड़ा अन्याय है।जिसे मैं बर्दास्त नहीं कर सकता हूँ।यह मामला विद्यालय प्रबंधन के लिए एक बदनुमा दाग है।
कमिटी अध्यक्ष पर लगे फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप तथा प्रधानाचार्य को मिला नोटिस।
वही शिक्षकों ने दबी जुबान मे कहा की ठक्कर जी कुछ बाहरी (रामगढ़ बेरमो गुजरात और राँची) में रहने वाले लोगो के नाम से फर्जी कमिटी बना कर विद्यालय चला रहे है।जिसे हमलोग आज तक देखे नहीं है और वे बार – बार हमलोगो के वेतन से प्रतिमाह 10 परसेंट कमीशन का डिमांड करते है।नहीं देने पर तरह तरह का शोषण किया जाता है।फिर उन लोगो ने कहा कि हमलोगो द्वारा बच्चो को मध्यान भोजन करवाया जा रहा था।अब अध्यक्ष द्वारा निर्णय लिया गया कि इसमें प्रधानाचार्य और शिक्षकों का कोई रोल नहीं रहेगा। जिस पर शिक्षकों ने उनसे लिखित रूप में सारी जिम्मेवारी लेने को कही। परन्तु वे लिखित नहीं लेना चाहते है।आखिर इसके पीछे उनकी क्या मंशा है। ये पब्लिक है भाई सब जानती है पब्लिक है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक को नोटिस निर्गत कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है – नितेश ठक्कर
स्कूल का संचालन कर रहे गुजराती समाज की कमेटी के अध्यक्ष नीतीश ठक्कर ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक आशुतोष पांडेय को नोटिस निर्गत कर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है।नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही भावना चौहान को वेतन भुगतान करने संबंधित आगे का करवाई किया जाएगा और मेरे ऊपर लगे सारे आरोप निराधार है।
शिक्षिका की नियुक्ति कमेटी के द्वारा हुआ है, वेतन भुगतान करना भी कमेटी की जिम्मेदारी है-आशुतोष पांडेय
वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक आशुतोष पांडेय ने कहा कि सरकार के गाइडलाइन से एसएमसी चल रहा है।जिसे वह अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से मुझे नोटिस निर्गत कर मुझ पर दबाव बनाने का कोशिश कर रहे हैं। शिक्षिका का चयन कमेटी के द्वारा किया गया है ना कि सरकार के द्वारा। अतः शिक्षिका का वेतन भुगतान कराने का जिम्मा कमेटी को है।स्कूल के बच्चों का फीस भी कमेटी के पास ही जाता है।
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