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शिरोमणि अकाली दल पार्टी में फिर से शामिल होने के बाद सिकंदर सिंह मलूका का बयान

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लोगों की आवाज भाजपा और अकाली दल का हो गठजोड़ – सिकंदर सिंह मलूका

सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी पर एतराज करने की बात कबूली – सिकंदर मलूका

लोगों की आवाज क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल पार्टी को होना चाहिए एकजुट

बठिंडा (पंजाब) : शिरोमणि अकाली दल में पुनः शामिल होने के उपरांत पूर्व कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया।उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी से बिना वजह निकाल दिया गया था, परंतु हमने कभी पार्टी नहीं छोड़ी।मैं लोगों के फैसले को मंजूर करता हूं, क्योंकि लोगों की आवाज थी कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गठजोड़ होना चाहिए। पिछली राजनीतिक पार्टियों की सरकारों से लोग निराश हैं और अब पार्टी को मजबूत होने के लिए आपसी मतभेद बुलाकर इकट्ठे होने की चर्चा हो रही है। जिसको लेकर लोगों के फैसले को मानते हुए एकजुट हो रहे हैं।शिरोमणि अकाली दल पार्टी के राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को भी आपसी मतभेद खत्म करके पार्टी को मजबूत करना चाहिए।
सिकंदर सिंह मलूका ने आगे कहा कि हमने प्रकाश सिंह बादल को सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी को लेकर एतराज जताया था।परंतु अन्य किसी ने न तो एतराज जताया और न ही विरोधक किया।जबकि,उनके स्वर्गवास के बाद सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में बिना कारण पार्टी में से निकाल दिया गया।लेकिन,हमने कभी पार्टी नहीं छोड़ी।
सिकंदर सिंह मलूका ने शिरोमणि अकाली दल पार्टी की सरकार के समय बेअदबी और गोली कांड के मामले को लेकर कहा कि इस मामले संबंधी शिरोमणि अकाली दल पार्टी का कोई संबंध नहीं था। परंतु फिर भी सुखबीर सिंह बादल ने सतश्री अकाल तख्त साहिब में जाकर माफी भी मांगी और जो गलतियां उन्होंने नहीं भी की थी उनको भी कबूला और उसकी सजा भी परवान की।
परंतु अब लोगों को इस बात की भी समझ आ चुकी है और लोग चर्चा कर रहे हैं कि शिरोमणि अकाली दल पार्टी और भाजपा को एकजुट होकर पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी को मजबूत होना चाहिए।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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