Home झारखण्ड झारखंड साहित्य संगम के संस्थापक डॉ अमीन रहबर रांची में सम्मानित
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झारखंड साहित्य संगम के संस्थापक डॉ अमीन रहबर रांची में सम्मानित

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रांची : विगत दिनों झारखंड साहित्य संगम की राज्य कमीटी का गठन किया गया। जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए कवि ,साहित्यकार , शायरों और  शिक्षाविदों ने अपने-अपने विचार पेश किये और साहित्य संगम के विकास के लिए कदम से कदम मिलाकर चलने का संकल्प लिया। इस बैठक में साहित्य संगम के पलामू प्रमंडलीय सचिव बरकतुल्लाह बरकत ने साहित्य संगम के लक्ष्य और उद्देश्य के 8 सुत्री प्रस्ताव को प्रस्तुत किया।जिसे ध्वनि मत से पास कर लिया गया।साहित्य संगम के सभी पदाधिकारी और सदस्यों के चयन के पशचात संस्था के संरक्षक नसीर अफसर , अध्यक्ष कफीलूर रहमान, मुख्य सचिव डॉक्टर ओम प्रकाश ने संस्था के संस्थापक डॉ अमीन रहबर को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अमीन रहबर ने कहा कि झारखंड साहित्य संगम की शाखाएं झारखंड के हर जिलों में कायम की जाएंगी। अभी कुछ जिलों में इसकी शाखाएं कायम कर ली गई है और बताया कि हम हर भाषा और जुबान के साहित्यकारों के साथ मिलकर काम करेंगे।
इस मौके पर मुख्य रूप से गुलशन हाल के सचिव सैफुल हक , संरक्षक वासुदेव प्रसाद,सियाराम सरस,अनजेश कुमार, बद्र विकार ,डॉक्टर ग़ालिब नश्तर, मास्टर मो. इरफान बरकतुल्लाह बरकत , एमजे अजहर , मीणा बंधन, वीना श्रीवास्तव, नेहाल सुरयावी,शमसुल होदा, मेराज अहमद और मंजर हुसैन आदि मौजूद रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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