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शिबू सोरेन आश्रम के प्रांगण में किया पौधारोपण, ग्रहण किया प्रसाद

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उपायुक्त व वरीय पुलिस अधीक्षक ने दी दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार टुंडी के पोखरिया में मनियाडीह स्थित शिबू सोरेन आश्रम में टुंडी विधायक सह शिबू सोरेन आश्रम के संरक्षक मथुरा प्रसाद महतो द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्मृति शेष – दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद उन्होंने आश्रम का भ्रमण किया। दिशोम गुरु के कमरे का अवलोकन किया। तत्पश्चात उन्होंने आश्रम के प्रांगण में पौधारोपण किया।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपायुक्त ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन भारत की आदिवासी चेतना के महानायक थे। उनका संघर्ष, बलिदान व नेतृत्व सदैव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। वे झारखंड की माटी के कण-कण में जीवित रहेंगे।

इसके बाद उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी रविंद्र नाथ ठाकुर के अलावा अन्य प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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