Home झारखण्ड बायोमैट्रिक उपस्थिति नही बनाने पर 10 पंचायत सचिव का रोका गया वेतन
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बायोमैट्रिक उपस्थिति नही बनाने पर 10 पंचायत सचिव का रोका गया वेतन

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सभी पंचायत सचिव अपने – अपने पंचायत सचिवालय में हीं बनाएं बायोमैट्रिक, अन्यथा होगी कार्रवाई – उपायुक्त

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार जिला के विभिन्न प्रखंडों के 10 पंचायत सचिवों के जुलाई माह का वेतन रोका गया है। साथ ही अग्रतर कार्रवाई हेतु भी अनुसंशा की गई है।

उपायुक्त ने बताया की एग्यारकुंड प्रखंड अंतर्गत 06, बलियापुर प्रखंड अंतर्गत 01, धनबाद प्रखंड अंतर्गत 01, बाघमारा प्रखंड अंतर्गत 01 एवं गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत 01 पंचायत सचिव का वेतन रोका गया है। उन्होंने बताया की पंचायत सचिव पर यह कार्रवाई बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नही करने तथा पंचायत सचिवालय के जगह प्रखंड कार्यालय से उपस्थिति बनाने पर की गई है।

पूर्व में उपायुक्त आदित्य रंजन द्वारा सभी कार्यालयों में यह निर्देश दिया गया था की सभी कर्मी अपने अपने कार्यालय में समयानुसार बायोमैट्रिक द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। जिसके उपरांत यह कार्रवाई की गई है। उपायुक्त ने सभी कार्यालय प्रधान को यह सख्त निर्देश दिया है की बिना बायोमैट्रिक के किसी भी कर्मी का वेतन भुगतान नहीं करेंगे अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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