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पंचायत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली योजना का करें चयन – उपायुक्त

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प्रमुख, मुखिया व बीडीओ समन्वय से करें काम – जिप अध्यक्ष

धनबाद । पंचायत में ऐसी योजना का चयन करें जिससे उस पंचायत को राष्ट्रीय पहचान मिले। इसके लिए पंचायत को जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा। पंचायत की व्यवस्था जितनी सशक्त होगी, पंचायत का विकास भी उतना अच्छा होगा।

उपरोक्त बातें उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने आज न्यू टाउन हॉल में पंचायत उन्नति सूचकांक पर आयोजित जिला स्तरीय प्रसार कार्यशाला में सभी मुखिया, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्यों से कही।

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल, जल संचयन, जल स्रोत व तालाबों का जीर्णोद्धार सहित विभिन्न पैरामीटर पर काम किया जा सकता है। सभी योजना का अच्छे उद्देश्य, ध्यान केंद्रित कर, कार्य की गुणवत्ता और अच्छी सोच से क्रियान्वन करें। इससे लोगों को बहुत लाभ मिलेगा।

उपायुक्त ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0 में धनबाद जिले को चौथा स्थान मिला था। अब प्रयास रहेगा कि अगले वर्ष के असेसमेंट में धनबाद के अधिक से अधिक पंचायत एवं ब्लॉक उत्कृष्ट प्रदर्शन में शामिल हो।

उन्होंने कहा कि विकास सूचकांक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को श्रेष्ठ तरीके से धरातल पर उतरना है। योजना की रीढ़ पंचायत राज व्यवस्था है। जनप्रतिनिधि पंचायत के सारे काम देखते हैं। वे जितना अच्छा प्रदर्शन करेंगे उतना लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।

इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 में सभी 9 पैरामीटर पर बेहतरीन कार्य करें। कार्य की डाटा एंट्री समय पर करें। प्रखंड प्रमुख, मुखिया एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 में धनबाद प्रथम स्थान हासिल करेगा।

कार्यशाला में रांची से आए तकनिकी एक्सपर्ट ने गरीबी मुक्त और बेहतर आजीविका वाली पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त, स्वच्छ और हरित, आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना, सामाजिक रुप से न्यायपूर्ण और सामाजिक रुप से सुरक्षित, सुशासन तथा महिला हितैषी पंचायत पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में पूर्वी टुंडी, कलियासोल एवं बलियापुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग के डीपीएम को सम्मानित किया गया। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक में सर्वश्रेष्ठ पदर्शन करने के लिए बलियापुर प्रखंड के कर्माटांड़ पंचायत को प्रथम, पूर्वी टुंडी के लटानी को द्वितीय, तोपचांची के घुंघुसा को तृतीय, बलियापुर के छाताटांड को चौथा तथा पूर्वी टुंडी के रूपन पंचायत के मुखिया को पांचवा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ जिला परिषद की माननीय अध्यक्ष, उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा तकनीकी एक्सपर्ट ने दीप प्रचलित करके किया। इसके बाद पंचायत उन्नति सूचकांक पुस्तिका का विमोचन किया गया।

कार्यशाला में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन, तकनीकी एक्सपर्ट अजीत कुमार, डीपीएम तौहिद आलम के अलावा सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल के अंचल अधिकारी, मुखिया, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य व अन्य लोग मौजूद थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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