Home राजस्थान साहित्य और कला का अनूठा संगम,टीम संस्था की प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों ने मन मोह लिया।
राजस्थानराज्य

साहित्य और कला का अनूठा संगम,टीम संस्था की प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों ने मन मोह लिया।

Share
Share

उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसकी शुरुआत डॉ. शारदा भट्ट द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई।उन्होंने अपनी सुरीली आवाज से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।इसके पश्चात “कहानी वाला रजत” ने साहित्यकारों के बीच अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा।उन्होंने कहा कि कहानियां और साहित्य तो बहुत लिखा गया है, जो किताबों और दिलों में कहीं दफन है,पर उन्हें सुनाने वाला भी होना चाहिए,जो उन विचारों में छुपी कहानियों को बाहर निकाल सके और कानों के रास्ते दिल तक का सफर फिर से तय करा सके।अपनी छोटी-छोटी कहानियों से उन्होंने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार एवं शिक्षक हेमंत जोशी ने ‘साहित्य अकादमी विद्यालय के संग’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जिंदगी एक दीवार की तरह है और उसमें यदि एक खिड़की बना दी जाए तो ठंडी बयार और उसकी पुरवाई को महसूस किया जा सकता है।इसी प्रकार यदि साहित्य अकादमी की पहुंच सरकारी विद्यालयों तक हो जाए तो भारत का भविष्य अपनी जड़ों से जुड़ सकेगा। विद्यार्थी देश की विविध कलाओं, साहित्य और संस्कृति से परिचित हो पाएंगे।उनके इस जोशीले वक्तव्य को अकादमी एवं साहित्यकारों ने गंभीरता से लिया और सराहा।


शैली श्रीवास्तव ने अपने समूह के साथ ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसमें विभिन्न नृत्य शैलियों के रंग बिखरे और दर्शकों की भरपूर वाहवाही मिली।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजस्थान विद्यापीठ की पूर्व हिंदी विभाग की डीन डॉ.शारदा पोटा ने साहित्य की दिशा और दशा पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रस्तुतियों और चर्चाओं के साथ लगी प्रदर्शनियों ने भी विशेष आकर्षण पैदा किया। स्केच आर्टिस्ट राहुल माली ने संभागीय आयुक्त का प्रत्यक्ष स्केच तैयार किया। वरिष्ठ रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता की ‘अनायास आर्ट एक्सप्रेशन’ शीर्षक से अनूठी चित्रकला प्रदर्शनी लगी। वरिष्ठ साहित्यकार व आलोचक कुंदन माली की ‘बतियाती किताबें’ प्रदर्शनी में दर्शक उनके लेखन से परिचित हुए। वहीं नीलोफर मुनीर की चित्रांकन, क्राफ्ट और पेपरमेशी की कलाकृतियां तथा रुचि सुखवाल की ‘आर्टिसन पोटली क्राफ्ट’ में वेस्ट मैटेरियल से बनी अनूठी कलाकृतियों ने दर्शकों को अचंभित कर दिया। कुछ विदेशी पर्यटकों ने इन कलाकृतियों की खरीदारी भी की।
अंत में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी एवं राजस्थान साहित्य अकादमी के सचिव बसंत सोलंकी ने कार्यक्रम में नवाचारपूर्ण योगदान के लिए टीम संस्था की प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों की सराहना की। साहित्यकारों एवं दर्शकों ने साहित्य, कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम की पहल को खूब पसंद किया।उक्त जानकारी टीम संस्था के सचिव,नाट्य निर्देशक एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील टांक के द्वारा दिया गया।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

BCCL की ई-ब्लॉक परियोजना पर भड़के विजय झा, DGMS पर उठाए सवाल

धनबाद में बीसीसीएल की प्रस्तावित ई-ब्लॉक परियोजना पर पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय...