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बोनाफाइड शुल्क न्यूनतम करने की मांग

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धनबाद । मंगलवार को आजसू छात्र संघ के पी.के रॉय महाविद्यालय अध्यक्ष विक्की कुमार के नेतृत्व में प्राचार्य डॉ कविता सिंह से बोनाफाइट प्रमाण पत्र शुल्क न्यूनतम करने की मांग की गई। विक्की कुमार ने बताया कि पहले बोनाफाइट शुल्क मात्र 10 रुपया था। जिसमें वृद्धि कर वर्तमान में 100 रुपया कर दिया गया है। बोनाफाइट छात्र छात्रवृति के लिए लेते है और यह ऐसे छात्र लेते है, जो आर्थिक रूप से कमजोर है। बोनाफाइड शुल्क में बढ़ोतरी होने के कारण छात्र – छात्रा बोनाफाइट लेने से वंचित हो रहे है। महाविद्यालय में भारी संख्या में ऐसे छात्र – छात्रा है, जो अपनी पढ़ाई छात्रवृति के माध्यम से पूरी करते है। छात्रवृति ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र लेते है, जो कि आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होते है।
महाविद्यालय अध्यक्ष विक्की कुमार ने प्राचार्य से अनुरोध कर छात्र हित को ध्यान में रखते हुए शुल्क में की गई बढ़ोतरी को न्यूनतम करने का निवेदन किया।साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रहित में की गई मांग खारिज होती हैं, तो आजसू छात्र संघ आंदोलन के लिए विवश होगी।
पूरे मामले को प्राचार्य ने गंभीर पूर्वक सुनने के पश्चात् बोनाफाइट शुल्क को अति शीघ्र न्यूनतम करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर भोला पासवान, आकाश पांडेय, विकाश महतो, रवि रवानी, अरविंद कुमार सहित अन्य मौजूद रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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