Home पंजाब अमृतसर के राजा सांसी विधानसभा क्षेत्र के जस्तरवाल गाँव में पानी कम होने के बाद लोग अपने घरों को लौटे
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अमृतसर के राजा सांसी विधानसभा क्षेत्र के जस्तरवाल गाँव में पानी कम होने के बाद लोग अपने घरों को लौटे

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लोग अपने घरों को देखकर बहुत दु:खी दिखाई दिए

अमृतसर (पंजाब) : पंजाब में बाढ़ ने फसलों, पशुओं, घरों और जान-माल का भारी नुकसान किया है, लेकिन सरकार 2023 की बाढ़ जैसी बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के वादे तो कर रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए, पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य तरसेम सिंह ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए मैंने 14 एकड़ ज़मीन लीज़ पर ली थी, जो पूरी तरह धान से लदी हुई थी। पानी ने सारी धान की फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि बेटों की तरह बड़ी मेहनत से फसल उगाई थी, अब कमाई का समय था, तो पानी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। वे भावुक हो गए और दानदाताओं से अपील की कि वे हमें मदद का मौका दें। उन्होंने दानदाताओं से भी हमारी मदद करने की अपील की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि हमारे घर के सभी कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, फर्श आधा फुट नीचे गिर गया है और हम बहुत गरीब हैं। अब हमारे पास पैसे नहीं बचे हैं। इसलिए हमें उचित मुआवज़ा दिया जाए।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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