Home झारखण्ड बिजली पानी जनता का मौलिक अधिकार सरकार द्वारा बेचना गलत : अन्नावादी पार्टी
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बिजली पानी जनता का मौलिक अधिकार सरकार द्वारा बेचना गलत : अन्नावादी पार्टी

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राँची । बिजली पानी जैसे अत्यंत जरूरी वस्तुओं को सामान रूप से प्राप्त करना जनता का मौलिक अधिकार है। सरकार के द्वारा ऐसे मुलभुत जरूरतों का व्यवसायिकरण करवाना देश की जनता के साथ धोखा है।उक्त बाते अन्नावादी इंसाफ पार्टी के केंद्रीय संयोजक अधिवक्ता कफ़ीलूर रहमान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। उन्होंने दु:ख जताया कि आजादी के छेहत्तर सालों बाद भी बिजली पानी जनता को ऊँची मूल्य में खरीदनी पड़ रही है। जिसे अत्यंत सस्ता और सुलभ कराई जानी थी या बिलकुल मुफ्त। किन्तु सरकार द्वारा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली पानी जैसे मुलभुत जरूरतों का व्यवसायिकरण कर दिया गया, जो किसी भी दृस्टिकोण से उचित नहीं है। बिजली पानी की राजस्व प्राप्ति के लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। तभी जनता को मुफ्त या सस्ती बिजली पानी प्राप्त होगी और विभागों की लूट बन्द होगी। विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि देश मे संसाधनों एवं जनशक्ति की कमी नहीं है। इसलिए जनता को लम्बे समय तक मुर्ख नहीं बनाया जा सकता है। इस तरह विभागों को बिजली पानी के नाम पर लूट की छूट देने से जनता कभी भी सडक पर आ सकती है।जिसे नियंत्रण करना सरकार के लिए मुश्किल हो जायेगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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