Home झारखण्ड कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा सिलफइड़ चेंघि के तत्वावधान में “आदाबादि चउक-पुरा” प्रतियोगिता कार्यक्रम मड़प-थान परिसर में हुआ सम्पन्न
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कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा सिलफइड़ चेंघि के तत्वावधान में “आदाबादि चउक-पुरा” प्रतियोगिता कार्यक्रम मड़प-थान परिसर में हुआ सम्पन्न

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चंदनकियारी। बोकारो जिले के चन्दनकियारी प्रखंड अंतर्गत सिलफोर पंचायत में साहय परब के उपलक्ष में कुड़मालि भाखि चारि आखड़ा सिलफइड़ चेंघि के तत्वावधान में “आदाबादि चउक-पुरा” प्रतियोगिता कार्यक्रम मड़प-थान परिसर में रखा गया। इसमें आसपास के गाँवों से 39 बच्चियों ने भाग लेकर अपने पुरखेनि धरोहर के प्रति सम्मान जताया और एक से बढ़कर एक चउक पुरा प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिलफोड़ पंचायत के मुखिया काजल दास मौजूद रहें।
इसमें प्रथम पुरस्कार फतेपुर की ममता महतो तथा द्वितीय पुरस्कार लेटरागड़ा गाँव की अंजलि डुंगरिआर ने जीता। अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इस कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में शकुन्तला डुंगरिआर के साथ कई‌ ओर सदस्य उपस्थित थे।
जबकि कार्यक्रम का संचालन कर्ता गुरुपद पुनअरिआर थे। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुड़मालि भाखि चारि
आखड़ा के संयोजक मानगर महादेव डुंगरिआर, सिलफोड़ पंचायत के बुलेट डुगरिआर, सुजीत पुनोरिआर के साथ कई सदस्य उपस्थित थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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