Home उत्तर प्रदेश गोरखपुर पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का उद्भेदन,प्रेमी और पत्नी ने मिलकर की थी हत्या।
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गोरखपुर पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का उद्भेदन,प्रेमी और पत्नी ने मिलकर की थी हत्या।

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गोरखपुर । पीपीगंज थाना क्षेत्र के बरघट्टा पुल के नीचे शुक्रवार की सुबह 35 साल वर्षीय महिला की लाश होने की सूचना पुलिस को मिली थी।सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूतो को इकट्ठा किया।हालांकि उस समय तक शव की पहचान नहीं हो सकी थी।आशंका जताई जा रही थी कि किसी ने हत्या करके लाश यहां फेंकी है और पहचान छुपाने के लिए सिर को कुच दिया गया है।तत्काल घटनास्थल का एसएसपी ने भी निरीक्षण किया था और घटना के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन भी किया।सोमवार को पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान घटना का खुलासा करते हुए एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद और एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि महिला की लाश मिलने के बाद इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीम को लगाया गया था।लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरो को खंगाला गया,सर्विसलांस सेल की भी मदद ली गई।पुलिस की एक टीम को महिला की शिनाख्त के लिए लगाया गया था।इसी बीच एक सीसीटीवी कैमरे में एक स्कूटी पर तीन लोग जाते हुए दिखे,संदिग्ध मानकर जब जानकारी जुटाई गई और स्कूटी को ट्रेस किया गया तो पुलिस विजय साहनी तक पहुंच गई।जिसके बाद पूछताछ में विजय साहनी ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में बीमा का काम करता है।जिससे उसे करीब डेढ़ लाख रुपए हर महीने मिलते हैं।वर्ष 2012 में प्रिया शेट्टी से काम के सिलसिले में उसकी पहली बार मुंबई में मुलाकात हुई थी।कुछ मुलाकातों के बाद नजदीकियां बढ़ी तो प्रिया के साथ कमरा लेकर लिव इन में रहने लगे।इसी बीच दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली।इसके बाद प्रिया को एक लड़का भी हुआ।जिसकी उम्र इस समय 13 साल की है।बच्चा पैदा होने के बाद प्रिया से दूरियां बढ़ने लगी।इसी बीच विजय गोरखपुर अपने घर आ गया। वर्ष 2014 में घर वालों ने विजय का रिश्ता संध्या नाम की लड़की से तय कर दिया।उसके बाद शादी कर पत्नी के साथ मुंबई चला गया।एक साल बाद इंस्टाग्राम के जरिए प्रिया से फिर संपर्क हुआ और हमारी मुलाकात होने लगी।इसी बीच पत्नी और घर वालों को भी प्रिया के रिश्ते के बारे में पता चल गया। प्रिया भी घर ले जाने का दबाव बनाने लगी और कहा कि अगर घर नहीं ले जाओगे तो गांव जाकर हंगामा कर दूंगी। 26 जनवरी को अपनी पत्नी संध्या और प्रेमिका प्रिया शेट्टी को लेकर गोरखपुर पहुंचा।यहां दो दिन होटल में रुका।रामगढ़ ताल गोरखनाथ की सैर भी की।इस दौरान पत्नी और प्रेमिका के साथ काफी समय बिताया।प्रिया बहुत अधिक शराब पी लेती थी।पीने के बाद वह बार-बार धमकी भी देती थी कि अगर कुछ गलत हुआ तो पूरे परिवार को गोरखपुर में बदनाम कर दूंगी। 29 जनवरी की शाम गोरखपुर से ऑटो में पत्नी और प्रेमिका के साथ शराब पीते हुए पीपीगंज गया।विजय ने बताया कि वह स्कूटी चला रहा था। बीच में प्रिया और पीछे उसे पकड़ कर पत्नी संध्या बैठी थी। तभी रास्ते में बर्घट्टा पुल पड़ा।वहां गाड़ी रोककर फिर तीनों ने शराब पी।वहां भी प्रिया हंगामा करने लगी।जिस पर पत्नी संध्या ने कहा कि जान से मारने की बात कही और विजय ने प्रिया का गला दबाया।नशे में होने की वजह से वह चिल्ला भी नहीं पाई।हत्या करने के बाद पत्नी के साथ मिलकर उसकी लाश पुल के 20 फीट नीचे ले जाकर पहचान छुपाने के लिए चेहरा कुच कर व कपड़े निकाल कर लाश फेंक दिया।अगले दिन सुबह नाई के पास जाकर बाल और दाढ़ी कटवाया ताकि पहचान ना होने पाये।पत्नी ने भी अपने कपड़े नदी में फेंक दिए थे।एसपी नार्थ ने बताया कि यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था।जिसका पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए असली गुनहगारों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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