Home उत्तर प्रदेश डीएम हर्षिता माथुर ने फार्मर रजिस्ट्री प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
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डीएम हर्षिता माथुर ने फार्मर रजिस्ट्री प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

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10 दिनों में बचे 1.67 लाख किसानों की रजिस्ट्री करने का लक्ष्य।

जिलाधिकारी ने सभी किसानों से की अपनी फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र कराने की अपील।

रायबरेली । जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने फार्मर रजिस्ट्री के प्रचार प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।रायबरेली में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की कुल लाभार्थियों की संख्या 5,43,325 हैं।जिनकी फार्मर रजिस्ट्री की जानी थी,जिसमें 62,534 किसान विभिन्न कारणों से पात्र नहीं पाये गये।जनपद में फार्मर रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य 4 लाख 80 हजार 791 था।लेकिन,अभी तक 3,13,379 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कराई हैं।जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बताया कि बचे हुए 1,67,412 किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए 18 प्रचार वाहनों रवाना किये गये हैं।

उप निदेशक कृषि विनोद कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि जनपद में अब हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि सभी पात्र किसान सामने आएं और उनकी फार्मर रजिस्ट्री बन जाए। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का संचालन अब पूरी तरह फार्मर रजिस्ट्री के डाटा पर आधारित होगा। केवल रजिस्टर्ड किसानों को ही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने आगे बताया कि खरीफ 2026 से अनुदानित उर्वरक भी फार्मर रजिस्ट्री के डाटा के अनुसार ही उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, आपदा में क्षतिपूर्ति का आकलन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति जैसी सुविधाएं भी रजिस्ट्री डाटा के आधार पर बिना अतिरिक्त सत्यापन के शीघ्रता से प्रदान की जाएंगी।

जिलाधिकारी ने सभी किसानों से अपील की कि वे निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राम पंचायत या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र करा लें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। प्रचार वाहनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में माइकिंग, पम्फलेट वितरण और जागरूकता सभाओं के जरिए यह संदेश पहुंचाया जाएगा।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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