Home झारखण्ड झरिया के भौंरा 6 नंबर में भू – धंसान,लोगों में दहशत।
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झरिया के भौंरा 6 नंबर में भू – धंसान,लोगों में दहशत।

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Landslide in Bhanura No. 6 of Jharia, panic among people.
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धनबाद : झरिया क्षेत्र में एक बार फिर भू-धंसान की घटना हुई हैं।जिससे लोगों को दहशत का माहौल हैं।घटना बीसीसीएल के ईजे एरिया अंतर्गत आबादी बहुल भौंरा छह नंबर की हैं।जहां मोहल्ला के बीचों-बीच मंगलवार सुबह अचानक गोफ (जमीन धंसने से बना गड्ढा) बन गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आये।गोफ बनने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

नेताओं और पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।

घटना की जानकारी मिलते ही जनता मजदूर संघ के केंद्रीय नेता रंजय कुमार, क्षेत्रीय नेता धनंजय कुमार सिंह, भाजपा नेता उमेश यादव, संजय वर्मा और रितेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रबंधन और भौंरा ओपी पुलिस को भी सूचना दी गई। भौंरा ओपी प्रभारी सुमन सौरभ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लोगों ने प्रबंधन पर सी-टू पैच में हैवी ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण जमीन कमजोर हो गई है, जिससे गोफ बना है।

घरों में पड़ी दरारें, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप।

मोहल्ला वासियों का आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है।कई घरों में दरारें पड़ने की बात सामने आई है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते खनन गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो पूरा इलाका खतरे में आ सकता है।घटना से आक्रोशित लोगों ने भौंरा सी-टू पैच पहुंचकर काम बंद करा दिया।वहां ड्यूटी पर मौजूद ओवरमैन मनीष कुमार के साथ कुछ युवकों द्वारा धक्का-मुक्की की भी सूचना है। हालांकि बाद में यूनियन नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।

अधिकारियों के आने में दिखी हिचकिचाहट।

यूनियन नेताओं ने परियोजना पदाधिकारी से फोन पर संपर्क कर सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजने की मांग की। लेकिन स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारी पहले आने से हिचकिचा रहे थे।उन्हें मारपीट का डर सता रहा था। बाद में भौंरा ओपी प्रभारी और स्थानीय नेताओं ने अधिकारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके बाद सेफ्टी और ब्लास्टिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोफ स्थल का मुआयना किया। निरीक्षण के बाद एहतियातन बालू और पानी डालकर गोफ की भराई कराई गई।

30-40 फीट दूरी पर है भौंरा बाजार।

घटनास्थल से महज 30-40 फीट की दूरी पर भौंरा बाजार स्थित है।यह बाजार इलाके का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।तकनीकी जानकारों के अनुसार, नीचे सेवन-बी खदान संचालित है। बताया जा रहा है कि पास में चल रही आउटसोर्सिंग परियोजना के कारण बंद खदान की गैलरियों में हवा प्रवेश कर गई, जिससे जमीन धंस गई। यदि यह धंसान बाजार क्षेत्र तक फैलता है तो बड़ा नुकसान हो सकता है।

भौंरा बाजार और मोहल्ले पर मंडराता खतरा।

घटना के बाद से मोहल्ला वासियों के साथ-साथ बाजार के दुकानदारों में भी भय का माहौल है।लोगों को भौंरा बारह नंबर मोहल्ला की घटना याद आ रही है, जहां कई स्थानों पर गोफ बनने और लगातार भू-धंसान के कारण पूरे मोहल्ले का अस्तित्व समाप्त हो गया था।उस समय हालात इतने गंभीर हो गए थे कि लोगों को विस्थापित कर अन्यत्र शिफ्ट करना पड़ा था।स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं वही स्थिति भौंरा छह नंबर में भी न उत्पन्न हो जाए।

स्थायी समाधान की मांग।

स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने बीसीसीएल प्रबंधन से स्थायी समाधान की मांग की है।उनका कहना है कि केवल अस्थायी भराई से समस्या का समाधान नहीं होगा।क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच कर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।फिलहाल प्रशासन और प्रबंधन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।लेकिन, जब तक खनन गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की गंभीर समीक्षा नहीं होती, तब तक भौंरा छह नंबर और आसपास के इलाकों में खतरा बना रह सकता है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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