Home झारखण्ड कतरी नदी छठ घाट पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य।
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कतरी नदी छठ घाट पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य।

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At Katari river Chhath ghat, the devotees offered Arghya to the setting sun.
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धनबाद : लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ के अवसर पर मंगलवार को कतरास के कतरी नदी स्थित छठ घाट पर हज़ारों की संख्या में छठव्रतियों ने पवित्र जल में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य (अस्ताचलगामी सूर्य) को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया।श्रद्धा और भक्ति के साथ हाथों में सूप लिए व्रतियों ने पूरी निष्ठापूर्वक भगवान भास्कर की आराधना करते हुए अपने परिवार के सुखी जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और समाज में आपसी भाईचारे व शांति की मंगल कामना की।छठ घाटों पर छठी मईयाँ के गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहें।नगर निगम और स्थानीय कमेटियों द्वारा घाट पर रोशनी (लाइटिंग) का प्रबंध किया गया।कतरी नदी स्थित सूर्य मंदिर पूजा कमेटी के सदस्य पूरे समय सक्रिय रहे।कमिटी द्वारा घाट पर गणमान्यजनों में वार्ड नंबर 5 के पार्षद निरुपमा देवी,वार्ड 3 के पार्षद प्रतिनिधि विनायक गुप्ता, कतरास थाना प्रभारी व अंगारपथरा ओपी प्रभारी को भी गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया।बुधवार को सुबह उदीयमान (उगते हुए) सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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