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सरायकेला में जंगली हाथी का हमला,एक व्यक्ति की मौत।

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Wild elephant attack in Seraikela, one person dead.
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सरायकेला : खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड के सापारुम गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक गांव में घुस आया। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हाथी ने हमला कर दिया। इस दौरान गांव के रहने वाले राधा तंतुबाई (55) उसकी चपेट में आ गए।

बताया जा रहा है कि हाथी ने राधा तंतुबाई को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ कर भी नहीं पाए। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।

मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग भी सदमे में हैं। हर कोई इस दर्दनाक घटना से सहमा हुआ है।

घटना के बाद सापारुम गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली हाथियों का आना लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग खेत जाने से भी डर रहे हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाथियों के बढ़ते खतरे को लेकर पहले से कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम भी मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे लोगों में नाराजगी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही निगरानी बढ़ाने और समय पर चेतावनी देने की व्यवस्था की जाए, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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