Home झारखण्ड खेशमी श्मशान घाट विवाद सुलझा, प्रशासन ने लगाया सरकारी बोर्ड।
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खेशमी श्मशान घाट विवाद सुलझा, प्रशासन ने लगाया सरकारी बोर्ड।

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Kheshmi crematorium dispute resolved, administration imposed government board.
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भू-माफियाओं पर कसा नकेल।

धनबाद । जिले के पूर्वी टुंडी थाना अंतर्गत खेशमी में पिछले कई महीनों से चला आ रहा श्मशान घाट विवाद आखिरकार सुलझ गया है। आज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया पूर्वी टुंडी अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल के नेतृत्व में विवादित भूमि की मापी कराकर वहां सरकारी बोर्ड लगा दिया गया है।

रामपुर पंचायत के खेशमी जोड़िया स्थित इस कीमती जमीन पर भू-माफियाओं की नजर थी, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। ग्रामीणों के आवेदन पर कार्रवाई करते हुए अंचल अधिकारी, अमीन, राजस्व कर्मचारी और पुलिस बल की मौजूदगी में खाता संख्या 101 प्लॉट नंबर 554 11 डिसमिल जमीन की विधिवत मापी की गई और सरकारी बोर्ड लगाया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह गैर-आबाद सरकारी जमीन है। यहाँ किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ जेल भेजने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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