Home झारखण्ड निदेशक डीआरडीबी ने सुनी आम नागरिकों की शिकायतें।
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निदेशक डीआरडीबी ने सुनी आम नागरिकों की शिकायतें।

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Director DRDB listened to the complaints of common citizens.
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धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार जनता दरबार का आयोजन किया गया।इसमें निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना।

जनता दरबार में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। निदेशक डीआरडीबी ने सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि प्राप्त शिकायतों की शीघ्र जांच कर उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर लोदना, कतरासगढ़, बाघमारा, कोयलानगर, धनबाद, हीरापुर, तोपचांची, झरिया, सुदामडीह, दामोदरपुर, धनसार, बरवाअड्डा, चिरकुंडा, बैंक मोड़ सहित अन्य क्षेत्रों से आए लोगों की शिकायतें सुनी गईं।

जनता दरबार में होल्डिंग टैक्स, ड्राइविंग लाइसेंस, खतियान में सुधार, नल-जल योजना, कमर्शियल वाहन को प्राइवेट करने, रैयती जमीन पर अवैध कब्जा, जमीन विवाद एवं धमकी, लोन एवं नियोजन सहित अन्य मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

निदेशक डीआरडीबी ने आमजनों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उनकी समस्या का शीघ्र निष्पादन किया जाएगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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