Home झारखण्ड रैयतों ने बीसीसीएल व आरके माइनिंग के खिलाफ की प्रेस वार्ता।
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रैयतों ने बीसीसीएल व आरके माइनिंग के खिलाफ की प्रेस वार्ता।

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Raiyats held press conference against BCCL and RK Mining.
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धनबाद (झारखंड) : बीसीसीएल कतरास क्षेत्र अंतर्गत लकड़का के खतियानी रैयतों ने लकड़का बस्ती में प्रेस वार्ता कर बीसीसीएल प्रबंधन एवं आरके माइनिंग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की घोषणा की। प्रेस को संबोधित करते हुए हरि कुंभकार एवं दक्षिणेश्वर कुंभकार ने कहा कि लकड़का मौजा संख्या 282 के रैयत पिछले 30 से 35 वर्षों से पुनर्वास, नियोजन एवं मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में बंदोबस्ती कार्यालय से रैयत ग्रामीणों के पक्ष में फैसला भी सुनाया गया था। साथ ही वर्ष 2015 तक की रसीद भी कटी हुई है तथा ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए बाघमारा अंचल कार्यालय में आवेदन भी दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि हाल ही में सोनारडीह के टांडाबाड़ी बस्ती में हुई भू-धंसान की घटना में तीन लोग जिंदा जमीन में समा गए थे। इसके अलावा फुलारीटांड़ और केशरगढ़ में भी भू-धंसान की घटनाएं हुई हैं, जिससे लकड़का के ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार भू-धंसान और जहरीली गैस के रिसाव का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि 25 अप्रैल 2026 को अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, कोयला भवन धनबाद को पत्र लिखकर आरआर पॉलिसी के तहत पुनर्वास एवं नियोजन की मांग की गई थी, लेकिन अब तक प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरके माइनिंग द्वारा बिना रैयतों से वार्ता किए उनकी जमीन पर खनन कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसका वे विरोध करेंगे। दक्षिणेश्वर कुंभकार ने कहा कि शीघ्र ही बीसीसीएल के सीएमडी, उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर एक सप्ताह के भीतर मांगों के निष्पादन की मांग की जाएगी। मांगें पूरी नहीं होने पर आठवें दिन आरके माइनिंग द्वारा चलाए जा रहे कोयला खनन कार्य को ठप कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन एवं जिला प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 200 रैयत परिवार प्रभावित हैं। मौके पर रोबिन पाल, शहाबुद्दीन अंसारी, एससी रजवार, महादेव कुम्हार, हरि कुम्हार, तरुण रजवार, मजहर अंसारी, जमीर अंसारी, अली हुसैन अंसारी, रघुनंदन कुमार सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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