Home झारखण्ड सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
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सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

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Program organized at Sadar Hospital on Sickle Cell Anemia Awareness Day.
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धनबाद (झारखंड) : शुक्रवार को सिकल सेल एनीमिया जागरूकता दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल, धनबाद में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जागरूकता रथ को रवाना किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सकों ने सभी सरकारी अस्पतालों में सिकल सेल की निःशुल्क जाँच कराने की अपील की। इस दौरान बीमारी के लक्षण, बचाव और बच्चों की देखभाल से जुड़ी निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।

सिकल सेल रोग क्या है?

यह एक अनुवांशिक रोग है।

जब तक खून की जाँच नहीं कराई जाए, तब तक इस
रोग का पता नहीं चलता है।

परिवार का कोई भी सदस्य जिसकी उम्र शून्य (0) से 40 वर्ष हो, उसे सिकल सेल जाँच अवश्य करानी चाहिए।

समय पर जाँच न कराने से मरीज को अन्य शारीरिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

यदि परिवार में किसी को भी यह एनीमिया हो, तो परिवार के सभी सदस्यों की जाँच जरूरी है।

सिकल सेल एनीमिया के मुख्य लक्षण :

एनीमिया या पीलापन दिखाई देना।

बार-बार संक्रमण होना या बीमार पड़ना।

थकान, बुखार, सूजन तथा कमजोरी महसूस होना।

रोग प्रतिरोधक क्षमता का घट जाना।

जोड़ों में दर्द या सूजन होना।

छाती में दर्द, साँस फूलना तथा पीठ व पेट में दर्द होना।

बच्चों की देखभाल के लिए विशेष निर्देश :

यदि बच्चे को सिकल सेल एनीमिया हो, तो स्कूल के प्रिंसिपल/प्राचार्य और कक्षा शिक्षक को इसकी जानकारी अवश्य दें।

शिक्षक को यह निर्देश दें कि स्कूल में बच्चे से शारीरिक श्रम, व्यायाम या कोई भी भारी काम न करवाया जाए।

पीड़ित बच्चे को बार-बार पेशाब आने पर शिक्षक उसे शौचालय जाने की अनुमति दें।

स्कूल के शिक्षक को आपातकालीन लक्षणों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने सूचित किया है कि इस बीमारी के संबंध में अधिक जानकारी अथवा सहायता के लिए आम नागरिक सिविल सर्जन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए टोल-फ्री एम्बुलेंस नंबर 108 या स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हेतु टोल-फ्री नंबर 104 पर कॉल किया जा सकता है।

मौके पर टीबी सह मलेरिया पदाधिकारी डॉक्टर रेखा कुमारी, सदर अस्पताल के प्रभारी, सभी डॉक्टर, कर्मी, सहिया मौजूद रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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