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जिला परिषद धनबाद की बकायेदार दुकानों पर कार्रवाई, तीन दुकानें सील

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Action on defaulting shops of Zilla Parishad Dhanbad, three shops sealed
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धनबाद (झारखंड) : जिला परिषद धनबाद द्वारा बकाया दुकान भाड़ा की वसूली हेतु विशेष अभियान चलाया गया। लंबे समय से किराया जमा नहीं करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जिला परिषद की तीन दुकानों को सील कर दिया गया।

जिला परिषद के अनुसार सील की गई दुकानों में एल-6 (बासुदेव प्रसाद), एल-12 (मकसूद अंसारी) तथा आर-ii/8 (मुसाफिर सिंह) शामिल हैं। इन दुकानों पर क्रमशः लगभग ₹1,63,738, ₹2,11,848 तथा ₹1,06,890 की किराया राशि बकाया थी।

जिला परिषद प्रशासन ने बताया कि बार-बार नोटिस एवं निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित दुकानदारों द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

विशेष रूप से दुकान संख्या एल-12, जो मकसूद अंसारी के नाम आवंटित थी, पर अवैध रूप से कब्जा कर उसे स्वास्थ्य जांच केंद्र के रूप में संचालित किया जा रहा था। यह गतिविधि आवंटन की शर्तों के विपरीत पाई गई। इसके मद्देनजर जिला परिषद द्वारा उक्त दुकान को भी सील कर दिया गया।

जिला परिषद ने स्पष्ट किया है कि बकाया किराया रखने वाले अन्य दुकानदारों के विरुद्ध भी आगे इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही सभी दुकानदारों से निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करने एवं आवंटन की शर्तों का पालन करने की अपील की गई है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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