मार्च 2027 तक 3.44 लाख से अधिक पंजीकरण का लक्ष्य
धनबाद : झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा राज्य के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने के लिए एक व्यापक और विशेष निःशुल्क निबंधन अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत 31 मार्च 2027 तक पूरे राज्य में लगभग 52 लाख असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
इसी कड़ी में धनबाद जिले को मार्च 2027 तक 3,44,783 असंगठित श्रमिकों के निबंधन का जिम्मा सौंपा गया है। इस बड़े लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए जिले में हर महीने 38,309 श्रमिकों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सभी प्रखंडों और पंचायतों में विशेष निःशुल्क कैंप लगाए जाएंगे।
श्रम विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता
सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को क्षेत्रवार टारगेट दे दिए गए हैं। पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा:
“जिले के प्रत्येक पात्र श्रमिक तक योजना का लाभ पहुँचाना श्रम विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी योग्य श्रमिक इस सुरक्षा कवच से छूटना नहीं चाहिए।”
कौन करा सकता है निबंधन?
- आयु सीमा: 18 से 59 वर्ष के श्रमिक।
- पात्रता: ऐसे असंगठित कर्मकार जो स्वनियोजित (Self-employed) हैं या असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।
- शर्त: वे पहले से भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) में निबंधित नहीं होने चाहिए।
- फीस: यह ऑनलाइन निबंधन पूरी तरह से निःशुल्क है।
निबंधन से मिलने वाले बड़े लाभ (योजनाएं एक नज़र में)
निबंधित श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
| योजना का नाम | मिलने वाली आर्थिक सहायता / लाभ |
| मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता | सामान्य मृत्यु पर ₹50,000 और दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर ₹1,00,000 |
| मातृत्व सहायता | महिला श्रमिकों को प्रत्येक प्रसूति (Delivery) पर ₹15,000 |
| अंत्येष्टि सहायता | सामान्य मृत्यु पर ₹15,000 और कार्यस्थल दुर्घटना/व्यावसायिक बीमारी से मौत पर ₹25,000 |
| विवाह सहायता | श्रमिक की पुत्री या महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु ₹30,000 |
| साइकिल सहायता | पात्र श्रमिकों को साइकिल के लिए ₹7,000 |
| सिलाई मशीन सहायता | महिला श्रमिकों को ट्रेनिंग के बाद ₹6,000 |
| औजार (टूल किट) सहायता | सेफ्टी/टूल किट के लिए ₹5,000 (हर 3 साल में एक बार) |
| उपचार आजीविका सहायता | 5 या अधिक दिन अस्पताल में भर्ती रहने पर अधिकतम 40 दिनों तक की मजदूरी राशि सीधे DBT से |
| कौशल उन्नयन योजना | श्रमिक या उनके बच्चों को योग्यता के अनुसार निःशुल्क स्किल ट्रेनिंग |
इन सभी श्रमिकों से की गई अपील
सहायक श्रमायुक्त ने जिले के सभी घरेलू कामगारों, कृषि श्रमिकों, निर्माण कार्य से जुड़े लोगों, रिक्शा व ई-रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों तथा अन्य सभी स्वरोजगार से जुड़े असंगठित कामगारों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी निबंधन शिविर या श्रम विभाग के कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ जाकर अपना पंजीकरण जरूर कराएं।
सभी योजनाओं का लाभ Shramadhan Portal (श्रमधान पोर्टल) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से दिया जाएगा। इसके साथ ही अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) से भी सक्रिय सहयोग मांगा गया है।
अभियान का मुख्य संदेश: “हर पात्र असंगठित श्रमिक का निबंधन – हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा का संरक्षण।”
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