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गुरुजी शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि : अरूप चटर्जी बोले- ‘अधूरा है गुरुजी के सपनों का झारखंड’

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आंदोलनकारियों ने उठाई जीवन-संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

मुख्य बिंदु

  • श्रद्धांजलि सभा: धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित हुई सभा।
  • पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग: नई पीढ़ी को गुरुजी के त्याग और आंदोलन से जोड़ने के लिए स्कूली शिक्षा में जीवनी शामिल करने की पुरजोर मांग।
  • JPSC पर सवाल: निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि राज्य में बाहरी लोगों को नौकरियां मिल रही हैं और युवाओं का हक मारा जा रहा है।

धनबाद : दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में निरसा विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

पाठ्यक्रम में शामिल हो आंदोलन का इतिहास

सभा में मौजूद नेताओं और आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण में गुरुजी के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि:

  • गुरुजी के जीवन-संघर्ष और झारखंड आंदोलन के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
  • राज्य की आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग, अधिकारों की लड़ाई और राज्य निर्माण के वास्तविक इतिहास से परिचित हो सकें।

‘अधूरा है गुरुजी के सपनों का झारखंड’

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने राज्य की मौजूदा परिस्थितियों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा:

  • गुरुजी ने जिस समृद्ध और अधिकार-संपन्न झारखंड का सपना देखा था, वह आज भी पूरी तरह साकार नहीं हो सका है।
  • राज्य का युवा वर्ग आज भी भीषण बेरोजगारी की मार झेल रहा है।
  • JPSC के माध्यम से हो रही नियुक्तियों में बाहरी अभ्यर्थियों को नौकरियां मिल रही हैं, जो स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय है।
  • झारखंड के संसाधनों और रोजगार के अवसरों पर पहला और प्राथमिक अधिकार यहां के युवाओं का ही होना चाहिए।
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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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