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₹62,500 करोड़ की ‘मोबाइल फोन विनिर्माण योजना’ की घोषणा: भारतीय ब्रांड्स और R&D को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ₹62,500 करोड़ के बजट के साथ ‘मोबाइल फोन विनिर्माण योजना’ (MPMS) की घोषणा की है। यह योजना भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने, घरेलू वैल्यू एडिशन (DVA) बढ़ाने और भारतीय ब्रांडों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

यह नई योजना सफल ‘생산 기반 인센티브’ (PLI-LSEM) योजना का स्थान लेगी, जिसकी अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है।

योजना के दो मुख्य वर्ग (Target Segments)

यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक 5 वर्षों के लिए लागू रहेगी:

  • लक्षित वर्ग 1 (TS1 – बड़े पैमाने पर निर्माण): इसके तहत मोबाइल फोन निर्माण पर 2.25% से 5% तक का प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा।
  • लक्षित वर्ग 2 (TS2 – भारतीय ब्रांड्स का समर्थन): भारतीय मोबाइल ब्रांडों को 5% का इंसेंटिव मिलेगा। इसके अलावा, भारत में ही रिसर्च व डिजाइन (R&D) करने पर 3% का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

स्थानीय कलपुर्जों की खरीद पर बोनस: यदि कोई कंपनी अपने कुल उत्पादन के कम से कम 25% में स्थानीय स्तर पर निर्मित कलपुर्जों का उपयोग करती है, तो उसे 1.5% का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।

कौन सी कंपनियां होंगी पात्र?

श्रेणीपात्रता मानदंड (FY 2025-26)वार्षिक बिक्री लक्ष्य
TS1 (बड़े विनिर्माता)कम से कम ₹10,000 करोड़ का कारोबारहर साल ₹5,000 करोड़ की अतिरिक्त बिक्री
TS2 (भारतीय ब्रांड्स)कम से कम ₹1,000 करोड़ का कारोबार51% से अधिक भारतीय स्वामित्व, भारत में R&D और ट्रेडमार्क

स्वामित्व और डिजाइन भारतीय होना जरूरी: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना से भारतीय स्वामित्व वाले ब्रांड्स और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) को मजबूती मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बारीकी से समीक्षा करेगी कि बौद्धिक संपदा का वास्तविक स्वामित्व भारतीय नागरिकों के पास ही हो, ताकि भारतीय ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

आर्थिक प्रभाव और रोजगार के अवसर

  • कुल उत्पादन: योजना अवधि के दौरान देश में लगभग ₹39 लाख करोड़ मूल्य के मोबाइल फोन उत्पादन का अनुमान है।
  • रोजगार सृजन: इस योजना से 60,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • मेड इन इंडिया की सफलता: भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, जहां इस्तेमाल होने वाले 99.2% मोबाइल पूरी तरह स्वदेशी हैं। स्मार्टफोन वर्ष 2025 में भारत की सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बनकर उभरा है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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