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‘VB-G RAM-G’ मिशन की देशभर में शुरुआत: ग्रामीण परिवारों को 125 दिन के काम की गारंटी, 1.51 लाख करोड़ का कुल बजट

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'VB-G RAM-G' mission launched nationwide: Guarantee of 125 days of work for rural households; total budget of ₹1.51 lakh crore.
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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार सुरक्षा और आजीविका के अवसरों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा ‘विकसित भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM-G अधिनियम को देश भर के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में 01 जुलाई 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने इस योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

प्रमुख विशेषताएं और नई व्यवस्थाएं

  • काम की गारंटी में बढ़ोतरी: नए कानून के तहत अब प्रति ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।
  • अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन: इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार की ओर से 95,692.31 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। राज्यों के अनुमानित अंशदान को जोड़ने के बाद इसका कुल बजट खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
  • पारदर्शिता और रियल-टाइम निगरानी: योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए एक आधुनिक ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) शुरू की गई है। इसके अलावा, केंद्रीय स्तर पर अधिकारियों की टीमें जमीनी समीक्षा के लिए राज्यों के दौरे पर भी भेजी जा रही हैं।

मजदूरी का सीधा और समयबद्ध भुगतान

ग्रामीण श्रमिकों को मजदूरी मिलने में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने विशेष उपाय किए हैं:

  1. DBT और NEFMS प्रणाली: मजदूरी का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NeFMS) के जरिए भेजा जा रहा है।
  2. सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP): भुगतान प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही तय की गई है।

‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण से आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण

नए अधिनियम में केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रहकर स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों और आजीविका के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया गया है। कृषि, सहयोगी क्षेत्रों और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय (‘Whole-of-Government’ approach) बनाकर निम्नलिखित सुविधाओं का विकास किया जाएगा:

  • कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centres)
  • ग्रामीण पुस्तकालय (Rural Libraries)
  • डिजिटल लर्निंग सेंटर
  • अन्य सामुदायिक संसाधन center

सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, पलायन रोकने और ग्रामीण भारत में डिजिटल व ढांचागत विकास को गति देने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित होगा।

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Written by
Yudhishthir Mahato

Yudhishthir Mahato is a journalist. He has been doing journalism for the past several years. He started journalism as a reporter in the year 2017. He also worked for newspapers, news portals and TV channels. Currently, along with journalism, he also does public relations work. He has done M.A in Mass Communication from Binod Bihari Mahato Koyalanchal University. He has been honored by many organizations. Apart from this, he also writes songs and poems.

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