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सड़क पर धान की रोपाई कर ग्रामीणों ने जताया विरोध

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शिवपुरी (मप्र)। शिवपुरी जिले की करैरा तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डामरौन खुर्द के खिरिया गाँव में लोगों ने एक अनोखे ही तरीके से विरोध जताकर प्रशासन को चेतावनी दी हैं कि गांव की सड़क लंबे समय से बेहद ही खराब है और बरसात में कीचड़ से भर गई है। परेशान होकर ग्रामीणों ने उसी कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई कर दी। ताकि प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान दे।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क बहुत लंबे समय से अत्यंत ही खराब स्थिति में है। जिसकी शिकायत कई बार प्रशासन से की गई है,लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है और ना ही सड़क की मरम्मत कराई है। बारिश के बाद स्थिति और भी अधिक खराब हो गई है। सड़क पर इतना कीचड़ जमा हो गया है कि गाड़ी चलाना तो दूर की बात है।कोई व्यक्ति पैदल भी नहीं चल सकता है। वहीं गाँव के छोटे – छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा अगर गाँव का कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसको अस्पताल तक भी नहीं ले जा सकते हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत शुरू नहीं की गई, तो वे शिवपुरी पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराएंगे।ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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