इंफ्रास्ट्रक्चर, तटीय क्षेत्र विकास और बंदरगाह के आधुनिकीकरण से जुडीं 63 परियोजनाएं ‘विकसित भारत 2047’ में मुंबई बंदरगाह की भूमिका को मजबूत करेंगी
इंदिरा डॉक ओएंडएम और मुंबई मरीना समझौते मुंबई बंदरगाह के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत: सर्बानंद सोनोवाल
नई दिल्ली : मुंबई में मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण के 154वें स्थापना दिवस के अवसर पर, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ₹5,028.17 करोड़ की लागत वाली 63 परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने भारत के सबसे पुराने बंदरगाहों में से एक को आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार समुद्री केंद्र (मैरीटाइम हब) में बदलने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इन परियोजनाओं में ₹132.29 करोड़ की लागत वाली सात परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, ₹1,354.59 करोड़ की लागत वाली 34 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और ₹3,541.29 करोड़ की लागत वाली 22 नई परियोजनाओं की घोषणा की गई। ये परियोजनाएं बंदरगाह के बुनियादी ढांचे, तटीय क्षेत्र के विकास, लॉजिस्टिक्स और परिचालन दक्षता से जुड़ी हैं।
सभा को संबोधित करते हुए, सोनोवाल ने मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण को सेवा के 154 साल पूरे करने पर बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बंदरगाह भारत के समुद्री क्षेत्र में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
सोनोवाल ने कहा, “मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण डेढ़ सदी से भी ज्यादा समय से भारत के समुद्री इतिहास का एक अहम हिस्सा रहा है। आज, जब भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ रहा है, तो हमारे बंदरगाह आर्थिक विकास, स्थिरता और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ाने वाले इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। आज प्रदर्शित की गई परियोजनाएं विश्व-स्तरीय बंदरगाह ढांचा बनाने, लॉजिस्टिक्स की क्षमता सुधारने, क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने, तटीय शिपिंग को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर पैदा करने के हमारे संकल्प को दर्शाते हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दो प्रमुख समझौतों, इंदिरा डॉक संचालन और रखरखाव समझौते और विकसित भारत मुंबई मरीना समझौते को भी समर्पित किया, जिससे बंदरगाह संचालन को मजबूत करने, तट के विकास में तेजी लाने और मुंबई बंदरगाह की संपत्ति के उत्पादक उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
“टुगेदर वी कैन” थीम के तहत आयोजित स्थापना दिवस समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, बंदरगाह उपयोगकर्ताओं, शिपिंग लाइनों, व्यापार भागीदारों, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के योगदान को मान्यता दी गई, जिन्होंने 154 साल की यात्रा में मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण के विकास में योगदान दिया है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण भारत के समुद्री इकोसिस्टम के एक अहम स्तंभ के तौर पर काम कर रही है। उन्होंने बंदरगाह की विरासत को बनाए रखने और भविष्य में इसकी तरक्की के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों के समर्पण की सराहना की।
इस कार्यक्रम में मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण के सफर पर एक प्रस्तुतीकरण, मुंबई पोर्ट स्पोर्ट्स क्लब के 100 साल पूरे होने पर एक यादगार फिल्म और खेल उपलब्धियां हासिल करने वालों, कर्मचारियों और हितधारकों को पुरस्कार देने का कार्यक्रम भी शामिल था।
इस कार्यक्रम में सचिव, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय विजय कुमार, चेयरमैन, मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण डॉ. एम. अंगामुथु, डिप्टी चेयरमैन, मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण आदेश तितरमारे, चेयरमैन, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी गौरव दयाल, प्रधान मुख्य आयुक्त, मुंबई कस्टम्स जोन-I मयंक कुमार के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग के प्रतिनिधि और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।
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