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धनबाद: जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शुरू हुई ‘कंगारू मदर केयर’ (KMC) सेवा

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विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर नवजातों को बांटी गई बेबी किट, डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर हुई पहल

धनबाद: जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देशानुसार, विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर धनबाद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में ‘कंगारू मदर केयर’ (KMC) यूनिट की आधिकारिक शुरुआत कर दी गई है।

नवजातों को मिली बेबी किट, माताओं के खिले चेहरे

इस विशेष दिन को यादगार बनाने के लिए निरसा CHC में जन्मे सभी नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को निःशुल्क बेबी किट का वितरण किया गया। इस किट में बच्चों की देखभाल से जुड़ी आवश्यक सामग्रियां जैसे तौलिया, कपड़े, सैनिटाइजर और साबुन शामिल हैं। उपहार पाकर प्रसूता माताओं के चेहरे खिल उठे। नवजात देखभाल को बढ़ावा देने वाला यह विशेष अभियान 1 से 7 अगस्त तक चलाया जाएगा।

क्या है कंगारू मदर केयर (KMC) और इसके फायदे?

कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सा पदाधिकारियों ने KMC तकनीक के फायदों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इसे समय से पहले जन्मे (Premature) और कम वजन (Low Birth Weight) वाले बच्चों के लिए संजीवनी के समान बताया।

  • त्वचा से त्वचा का संपर्क: इसके तहत मां या परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ शिशु का सीधा ‘स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट’ (Skin-to-Skin Contact) कराया जाता है।
  • प्रमुख लाभ: इससे शिशु के शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहता है, उसका वजन तेजी से बढ़ता है, मानसिक विकास बेहतर होता है और शिशु को कई तरह के संक्रमण से बचाया जा सकता है।

स्तनपान को लेकर किया गया जागरूक

विश्व स्तनपान दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने माताओं को शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलस्ट्रम) पिलाने की सलाह दी। साथ ही यह भी बताया गया कि शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शुरुआती 6 महीनों तक केवल स्तनपान ही कराना चाहिए।

शिशु मृत्यु दर (IMR) में आएगी कमी

स्वास्थ्य विभाग का यह सार्थक प्रयास धनबाद जिले में शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करने में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम के दौरान CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉक्टर, एएनएम (ANM), सहिया (ASHA) कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और लाभार्थी उपस्थित रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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