Home झारखण्ड उप विकास आयुक्त ने की ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा।
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उप विकास आयुक्त ने की ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा।

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Deputy Development Commissioner reviewed rural water supply schemes.
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धनबाद । उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने अपने कार्यालय कक्ष में जिले में संचालित विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की।

इस क्रम में उन्होंने बलियापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना फेज 1, मोहिलिडीह – लटानी – रूपन ग्रामीण जलापूर्ति योजना, टुंडी – कोल्हार – जाताखूंटी ग्रामीण जलापूर्ति योजना, निरसा उत्तर ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा फेज 1 व उसके आसपास के क्षेत्र की जलापूर्ति योजना तथा गोविंदपुर में बहु-ग्राम योजना (मल्टी विलेज स्कीम) की समीक्षा की।

समीक्षा के बाद उन्होंने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ बैठक करके बलियापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना फेज 1, मोहिलिडीह – लटानी – रूपन ग्रामीण जलापूर्ति योजना, टुंडी – कोल्हार – जाताखूंटी ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।

जबकि निरसा उत्तर ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा फेज 1 व उसके आसपास के क्षेत्र की जलापूर्ति योजना तथा गोविंदपुर में बहु-ग्राम योजना (मल्टी विलेज स्कीम) के अधूरे कार्य को तेजी लाकर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में पीएचइडी 2 के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार मंडल, कनीय अभियंता व अन्य लोग मौजूद रहें।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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