रांची: झारखंड में सुरक्षित यातायात और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में झारखंड मंत्रालय में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च’ (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान के बनने से युवाओं को आधुनिक तकनीक पर आधारित ड्राइविंग प्रशिक्षण मिलेगा। इससे न केवल युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
मुख्य बिंदु:
- 10 हजार से अधिक नागरिकों को मिले लाइसेंस: कार्यक्रम के दौरान राज्य भर के 10,000 से अधिक लोगों को ड्राइविंग एवं लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए गए।
- पारदर्शी होगी लाइसेंस प्रक्रिया: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आम लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- उपायुक्तों को लंबित आवेदनों के त्वरित निपटारे के निर्देश: पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद सहित कई जिलों के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे संवाद करते हुए सीएम ने जिला उपायुक्तों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उन्हें तुरंत निपटाने के आदेश दिए।
- महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में प्रोत्साहन: राज्य सरकार महिलाओं को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया को सुलभ बनाया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
- हेवी व्हीकल लाइसेंस पर विशेष ध्यान: टाटा मोटर्स के सहयोग से हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस (HVDL) प्रक्रिया को भी सरल बनाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं पिछले कई वर्षों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे थे, जो अब साकार हुआ है।
कार्यक्रम में मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया और जनरल मैनेजर गोलम मंडल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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