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न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत सभी विद्यालयों में किया जा रहा नोटिस जारी, होगी कार्रवाई

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उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत जिला के विभिन्न निजी विद्यालयों के गैर शिक्षक कर्मी का अकाउंट स्टेटमेंट के साथ जांच करने हेतु दिया निर्देश

जिला के 158 निजी विद्यालयों में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत किया जाना है कार्रवाई

धनबाद : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार श्रम अधीक्षक प्रवीण कुमार ने जिला के डीवाई पाटिल स्कूल, रॉयल पब्लिक स्कूल और गुरुकुल पब्लिक स्कूल के गैर शिक्षक कर्मी का न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत जांच किया।

श्रम अधीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया की जिला के इन तीन निजी विद्यालय द्वारा दिए गए अकाउंट स्टेटमेंट के जांच के क्रम में पाया गया की गैर शिक्षक कर्मी का न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है। इस मामले पर श्रम अधीक्षक द्वारा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।

उन्होंने बताया की ऐसे ही जिला के निजी विद्यालयों के गैर शिक्षक कर्मी का वेतन भुगतान से संबंधित अकाउंट स्टेटमेंट जांच किया जाना है। जिसमे लगभग 158 निजी विद्यालय को नोटिस जारी किया जा रहा है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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