Home झारखण्ड जिला के आर्थिक रूप से कमजोर शिक्षित युवाओं को आजीविका एवं कौशल विकास से जोड़ने हेतु उपायुक्त ने आईआईटी- आइएसएम के प्रोफेसर के साथ की बैठक
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जिला के आर्थिक रूप से कमजोर शिक्षित युवाओं को आजीविका एवं कौशल विकास से जोड़ने हेतु उपायुक्त ने आईआईटी- आइएसएम के प्रोफेसर के साथ की बैठक

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इलेक्ट्रिक व्हीकल स्किल डेवलपमेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नवाचार और उद्यमिता विकास के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) बनाने पर हुई चर्चा

बेलगड़िया में रह रहे युवाओं को आईआईटी- आइएसएम में मिलेगा आवासीय कौशल विकास का प्रशिक्षण

धनबाद । गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में जिला के आर्थिक रूप से कमजोर शिक्षित युवाओं को आजीविका एवं कौशल विकास से जोड़ने हेतु धनबाद में इलेक्ट्रिक व्हीकल स्किल डेवलपमेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नवाचार और उद्यमिता विकास के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) बनाने के लिए आईआईटी- आइएसएम के प्रोफेसर एवं औद्योगिक भागीदार के साथ बैठक की गई।
इस दौरान प्रोफेसर केसी जाना एवं प्रोफेसर सुकांत हलदर के द्वारा पीपीटी के माध्यम से कार्य योजना को लेकर प्रस्तुति दी गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित करना और विकसित करना है। इसका लाभ बेलगड़िया में रह रहे विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि युवाओं को आईआईटी आइएसएम में आवासीय कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वह फोकस हो कर पढ़ेंगे एवं प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के उपरांत विद्यार्थियों को आईआईटी-आइएसएम के द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ हीं उनके रोजगार को लेकर कहा कि औद्योगिक भागीदार के रूप में जो भी एजेंसी रहेगी उन्हें रोजगार उपलब्ध कराएंगे। इस कार्य को लेकर जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाने हेतु उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मौके पर प्रोफेसर केसी जाना, प्रोफेसर सुकांत हलदर, प्रोफेसर गौरी शंकर, कैमेलिया चौधरी और डॉ. आकांक्षा सिन्हा, संजीव मोदक ने भाग लिया। औद्योगिक भागीदार भी उपस्थित थे, जिनमें ईग्रीन क्वांटा (डॉ. कुमार गौतम – सीईओ) और गहन एआई (उदलोक मजूमदार – सह-संस्थापक) एवं अमर कुमार श्रीवास्तव (परियोजना प्रबंधक, आजीविका एवं कौशल विकास, डीएमएफटी, पीएमयू) शामिल थे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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