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उपायुक्त के निर्देश पर बुजुर्ग को मिला ओल्ड एज होम में आश्रय

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धनबाद : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) से एक 63 वर्षीय बुजुर्ग श्री दिलीप बाउरी को सबलपुर स्थित ओल्ड एज होम में आश्रय मिला।

दरअसल, उपायुक्त को समाचार पत्र के माध्यम से जानकारी मिली कि जोरापोखर के रहनेवाले 63 वर्षीय दिलीप बाउरी लगभग साल भर से अस्पताल में रहते हैं। उनके तीन बेटे है लेकिन कोई उन्हें अपने पास रखना नहीं चाहते। बेटों ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। भर्ती कराने के बाद अबतक एक भी बेटा उन्हें देखने तक नहीं आया।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने आज जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप को बुजुर्ग के रहने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सबलपुर ओल्ड एज होम के संचालक मोहम्मद नौशाद गद्दी से संपर्क किया। श्री गद्दी ने अस्पताल जाकर जांच पड़ताल की और श्री बाउरी को भारतीय रेडक्रास समिति धनबाद के एंबुलेंस से सहयोगी नगर स्थित ओल्ड एज होम पहुंचाया। वहां उन्हें बेड प्रदान कर उनके रहने और खान-पान की व्यवस्था की।

मौके पर डॉ सुमन कुमार, आश्रम के सदस्य कुमार मधुरेन्द्र सिंह भी मौजूद थे।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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