Home झारखण्ड राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष पर विजयादशमी उत्सव एंव शस्त्र पूजन
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष पर विजयादशमी उत्सव एंव शस्त्र पूजन

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कतरास : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष पर अंगारपथरा के शिव मंदिर में विजयादशमी उत्सव एंव शस्त्र पूजन संपन्न हुआ । मौके पर धनबाद विभाग के सह कार्यवाह पंकज सिंह ने कहा कि ‘शताब्दी वर्ष पर संघ का लक्ष्य संगठन को और मजबूत करना है।संघ की योजना में शाखा का विस्तार और दृढ़ीकरण है। संघ अपने शताब्दी वर्ष पर 7 प्रकार का कार्यक्रम करेगा। जिसमें विजयादशमी उत्सव संपन्न हुआ। इस कड़ी में गृह संपर्क द्वारा घर-घर संघ साहित्य देना, सामाजिक सद्भाव की बैठकें, मंडल व बस्तियों में हिंदू सम्मेलन, प्रमुख जन गोष्ठी, युवाओं के बीच कार्यक्रम एंव सभी आयु वर्ग की शाखा, ये सभी कार्यक्रम एक वर्ष में करना है।
दूसरी ओर समाज परिवर्तन के दृष्टिकोण से पंच परिवर्तन का विषय – पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य एवं स्वदेशी को संघ समाज के जन-जन तक पहुंचायेगा जो समाज के सहयोग से संपन्न होगा।
आगे श्री सिंह ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर हम शक्ति की उपासना करते हैं, शस्त्र पूजन करते हैं। अगर समाज में शांति चाहिए तो शक्ति का अर्जन करना आवश्यक हो।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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