Home झारखण्ड अवैध खनन के कारण घर धंसने से क्षेत्र में दहशत,ग्रामीणों में आक्रोश।
झारखण्डराज्य

अवैध खनन के कारण घर धंसने से क्षेत्र में दहशत,ग्रामीणों में आक्रोश।

Share
Share

महुदा (धनबाद) : महुदा बस्ती भाटडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत पावर हाउस 18 नंबर के समीप कथित रूप से चल रहे अवैध खनन के कारण कई घरों के धंसने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध माइंस का संचालन हो रहा है।जिसकी शिकायतें कई बार की गईं।लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अवैध खनन के पीछे स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका है।जिसके कारण यह गतिविधि लगातार जारी है।

घरों के धंसने से प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...