Home झारखण्ड छः दिन से लापता बच्चा का नहीं मिला कोई सुराग, परिजनों ने थाने में दर्ज कराया आवेदन
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छः दिन से लापता बच्चा का नहीं मिला कोई सुराग, परिजनों ने थाने में दर्ज कराया आवेदन

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रांची । जिले के चान्हो थाना क्षेत्र के ग्राम टांगर देशवाली के निवासी 14 वर्षीय एमिल अर्नन कुजूर 23 जनवरी को लापता हो गए। 28 जनवरी तक छः दिन बीत जाने के बाद भी बच्चा का कोई सुराग नहीं मिला है।

लापता बच्चे के परिजनों ने बताया कि 23 जनवरी को शाम लगभग 03:30 से ग्राम टांगर देशवाली स्थित अपने घर से बच्चा लापता हो गए इसके बाद परिजनों ने आसपास के अड़ोस-पड़ोस और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

परिजनों ने फिर थाना को लापता युवक की सूचना दी और मां ज्योति कुजूर ने अपने पुत्र की खोज बिन के लिए लिखित आवेदन थाना में दिया। पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज किया और युवक की खोजबीन शुरू कर दी है।

लापता युवक का पहनावा ब्लू रंग का (चिटर) जीकेट ग्रे रंग लोवर
ऊंचाई 5 फिट 7 इंच
भाषा हिंदी एवं सादरी

इनके बारे में पता चलने पर निम्न नंबर पर संपर्क करें,बताने वाले को उचित ईनाम दिया जाएगा।

1) वरीय पुलिस अधीक्षक रांची मो०- 9431706178

2) पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रांची मो.- 9431706138

3) पुलिस उपअधीक्षक खलारी मो०-9431742777

4)पुलिस निरीक्षण मांडर अंचल मो०- 9123266129

5)थाना प्रभारी चान्हो मो०- 9431706789- 7061787871

6) परिजन मो०- 9939384823

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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