Home झारखण्ड हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत,एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल।
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हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत,एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल।

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Three people killed, one old woman seriously injured in elephant attack.
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रामगढ़। जिले के गोला वन क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह जंगली हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना बंदा क्षेत्र स्थित एक ईंट भट्ठे की है। यहां तालाटांड (पतरातू) निवासी धीरज भुइयां (25 वर्ष) और कुजू निवासी युगल भुइयां (25 वर्ष) मजदूरी का काम करते थे।

शुक्रवार सुबह अचानक हाथियों के झुंड ने भट्ठे पर हमला बोल दिया। इससे पहले कि दोनों युवकों को संभलने का मौका मिलता, हाथियों ने उन्हें कुचलकर मार डाला।

हाथियों का कहर यहीं नहीं रुका बंदा के पास ही श्याम देव साहू (70 वर्ष) सुबह महुआ चुनने निकले थे, तभी वे हाथियों की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एक अन्य घटना धोरधोरिया सुतरी गांव की है, जहां अदरी देवी (74 वर्ष) महुआ चुन रही थीं, हाथी ने उन पर हमला कर उन्हें पटक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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