Home उत्तर प्रदेश दर्दनाक सड़क हादसे में दारोगा ब्रषपाल सिंह की मौत।
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दर्दनाक सड़क हादसे में दारोगा ब्रषपाल सिंह की मौत।

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Inspector Brashpal Singh died in a painful road accident.
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अलीगढ़ । दर्दनाक सड़क हादसे में दारोगा ब्रषपाल सिंह की मौत हो गई। यह हादसा सासनी गेट थाना क्षेत्र के एक चौराहे के पास उस समय हुआ, जब वह अतरौली से ट्रांसफर होकर लोधा थाना जॉइन करने जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि दारोगा ब्रषपाल सिंह अपनी बाइक पर कुछ सामान लेकर जा रहे थे, तभी नगर निगम के एक ट्रैक्टर से उनकी टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक दारोगा ब्रषपाल सिंह मूल रूप से भवानीगढ़ गांव, मैनपुरी के निवासी थे।

इस दु:खद घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित अन्य अधीनस्थ अधिकारियों ने पुलिस लाइन में दिवंगत दारोगा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

फिलहाल पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है और मामले की जांच की जा रही है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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