Home झारखण्ड उर्दू साहित्य के वरिष्ठ आलोचक प्रो. अहमद सज्जाद का निधन।
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उर्दू साहित्य के वरिष्ठ आलोचक प्रो. अहमद सज्जाद का निधन।

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Senior critic of Urdu literature Prof. Ahmed Sajjad passes away.
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रांची : उर्दू के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, प्रख्यात आलोचक तथा रांची विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के पूर्व डीन और उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अहमद सज्जाद का रविवार रात (26 अप्रैल 2026) लगभग साढ़े दस बजे निधन हो गया। प्रो. सज्जाद के निधन से साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में उर्दू आलोचना, शोध और शिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी विद्वता और लेखन को न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान प्राप्त था। उनका व्यक्तित्व ज्ञान, गंभीरता और साहित्यिक समर्पण का प्रतीक रहा। उर्दू भाषा और साहित्य को समृद्ध करने में उनकी भूमिका सदैव याद रखी जाएगी। स्वर्गीय प्रोफेसर अहमद सज्जाद की जनाज़े की नमाज़ 27 अप्रैल 2026 को नमाज़-ए-असर के बाद अदा की गई।इसके बाद उन्हें बरियातू स्थित पहाड़ी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।यह जानकारी उर्दू विभाग,रांची विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद रिज़वान अली के द्वारा दी गई।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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