Home झारखण्ड तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” का उद्घाटन।
झारखण्डराज्य

तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” का उद्घाटन।

Share
Inauguration of the three-day "Sansad Cultural Mahotsav-cum-Indigenous Fair-2026".
Share

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन हुए शामिल।

स्वदेशी वस्तुओं को निरंतर प्रमोट कर रहीं हैं राज्य सरकार – मुख्यमंत्री

झारखंड की समृद्ध कला-संस्कृति विरासत को संरक्षित करना प्राथमिकता – हेमंत सोरेन

प्रतिभा की कमी नहीं,इस राज्य के बच्चे एवं युवा हमें कर रहे गौरवान्वित

रांची । राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ऑड्रे हाउस परिसर, रांची में आयोजित तीन दिवसीय “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अनेक विविधताएं हैं। देश के भीतर कई विभिन्न समाज एवं वर्ग के लोग रहते हैं।जिनकी अलग-अलग खूबी और पहचान है। यही खूबी और पहचान देश का एक मजबूत स्तंभ भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी का मतलब स्वयं उत्पादित वस्तुएं होती है। देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले यह हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार निरंतर इस दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वदेशी को अपनाया तथा स्वदेशी अपनाने के प्रति देशवासियों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला न केवल स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करता है बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी।

स्वदेशी वस्तुओं को निरंतर प्रमोट कर रहीं हैं राज्य सरकार

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा सरकार द्वारा गांव तथा शहरों में कई कार्यक्रमों अथवा आयोजनों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को प्रमोट किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य भी स्वदेशी वस्तुओं के साथ-साथ राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड प्रदेश खनिज संपदाओं से पहचाना जाता है। ईश्वर ने इस राज्य में जमीन के अंदर के साथ-साथ जमीन के ऊपर भी काफी आकर्षक और खूबसूरत संपदाएं दी है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज स्वदेशी खान-पान के साथ जिस प्रकार जीवनयापन करना सीखा था, वह काफी प्रभावित करने वाली चीजें हैं। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं आज के वर्तमान दौर में मनुष्य कई ऐसी चीजों से प्रभावित हैं, जिससे शरीर के आंतरिक तथा वाह्य वस्थाओं में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे राज्य के युवा शिक्षा, संस्कृति तथा खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में बहुत आगे हैं। हमारे बच्चे सीमित संसाधनों के बीच हर मंच पर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। इस राज्य की कला-संस्कृति की देश-दुनिया में अलग पहचान है। यहां के कलाकार कोई परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस राज्य के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत बच्चे नेशनल लेवल पर आयोजित प्रतियोगिता-परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने प्रतिभा को लोहा मनवा रहे हैं, यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

प्रदर्शनी एवं स्टॉल का अवलोकन

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वदेशी मेले में लगे विभिन्न प्रदर्शनी एवं स्टॉल का अवलोकन किया तथा कारीगरों से बातचीत कर उनके कार्य की सराहना की। मेले में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिल्पकारों द्वारा लगाए गए स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जहां हस्तनिर्मित वस्त्र, आभूषण, घरेलू सजावटी सामग्री एवं मिट्टी तथा बांस इत्यादि से उत्पादित स्वदेशी वस्तुएं प्रदर्शित किए गए हैं।राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के आगमन पर लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक नृत्य एवं गीतों के साथ हार्दिक स्वागत किया गया।

मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद राज्यसभा आदित्य साहू, सांसद राज्यसभा दीपक प्रकाश, विधायक नवीन जायसवाल, महापौर रांची रोशनी खलखो, उप महापौर रांची नीरज कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू सहित अन्य गणमान्य, प्रबुद्धजन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे एवं लोक कलाकार सहित अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।

Share
Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NAMASTE Scheme Success Story: सीवर सफाई से ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनने तक गाजियाबाद के अजय की कहानी

केंद्र सरकार की 'नमस्ते योजना' से स्वच्छता कर्मी अजय बने उद्यमी। जानें...

झारखंड भारतनेट फेज़-3 : 26,777 गांवों में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

झारखंड सरकार और भारत सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Phase-III) के लिए...